एक ट्रक के पलटने से थाम गई बठिंडा शहर की रफ्तार, पांच किलोमीटर जाम में फंसा शहर
बठिंडा के मानसा रोड अंडरब्रिज में ट्रक पलटने से 5 किमी लंबा जाम लग गया। 4 घंटे तक वाहन नहीं ...और पढ़ें

अंडर ब्रिज के नीचे पलटा ट्रक।
HighLights
बठिंडा में ट्रक पलटने से 5 किलोमीटर लंबा जाम।
चार घंटे तक सड़क पर पड़ा रहा दुर्घटनाग्रस्त ट्रक।
मानसून में जलभराव, खराब व्यवस्था पर विपक्ष ने उठाए सवाल।
जागरण संवाददाता, बठिंडा। बठिंडा में शुक्रवार को मानसा रोड स्थित अंडरब्रिज में एक ट्रक पलटने से शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। हादसे के बाद अंडरब्रिज के दोनों ओर करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सुबह से दोपहर तक सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। स्कूली बच्चों से भरी बसें, दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, मरीजों को अस्पताल ले जा रहे वाहन और रोजमर्रा के काम से निकले लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह रही कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रक करीब चार घंटे तक सड़क पर ही पड़ा रहा और उसे समय रहते हटाया नहीं जा सका। हादसे के बाद मौके पर यातायात सामान्य करने के लिए प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था भी नजर नहीं आई। लोगों का कहना है कि यदि पर्याप्त क्षमता वाली क्रेन और राहत दल समय पर पहुंच जाते तो सड़क को जल्दी खाली कराया जा सकता था और लंबा जाम लगने से बचा जा सकता था।
लेकिन राहत कार्य में देरी होने के कारण धीरे-धीरे वाहनों की कतार कई किलोमीटर तक पहुंच गई और पूरे इलाके का यातायात प्रभावित हो गया।
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बठिंडा-मानसा रोड पर लगा जाम।
बारिश का पानी जमा होने से भी लोग परेशान
स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसा रोड का यह अंडरब्रिज हर वर्ष मानसून के दौरान परेशानी का केंद्र बन जाता है। बारिश होने पर यहां छह से आठ फीट तक पानी भर जाता है, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। कई बार छोटे-बड़े वाहन बीच रास्ते में फंस जाते हैं और लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
शुक्रवार को ट्रक पलटने की घटना ने एक बार फिर इस अंडरब्रिज की सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विपक्ष ने उठाए व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद विपक्ष ने भी सरकार और प्रशासन को निशाने पर लिया। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजन गर्ग ने कहा कि यदि एक ट्रक को सड़क से हटाने में चार घंटे लग जाते हैं तो किसी बड़े हादसे या आपात स्थिति में व्यवस्था किस तरह काम करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मानसून से पहले जल निकासी और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर किए गए दावे केवल कागजों तक सीमित रहे।
भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष सरूप चंद सिंगला ने कहा कि हर वर्ष जलभराव की समस्या सामने आने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि हर मानसून में शहरवासियों को जलभराव और जाम की दोहरी परेशानी झेलनी पड़ती है।
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तुरंत समाधान की रखी मांग
सुशांत सिटी-दो के प्रधान निर्मल सिंह ने प्रशासन से मांग की कि अंडरब्रिज के लिए स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए। साथ ही पर्याप्त क्षमता वाली क्रेन, राहत संसाधन और त्वरित कार्रवाई करने वाली टीम हमेशा तैयार रखी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं के दौरान लोगों को घंटों तक परेशानी का सामना न करना पड़े।
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