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    मोहाली में दोस्त की सिर काटकर हत्याकरने वाले को उम्रकैद, 40 हजार के विवाद में हुई थी वारदात

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 07:16 PM (IST)

    मोहाली अदालत ने दोस्त की सिर काटकर हत्या करने के मामले में मुख्य आरोपित जागीर सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह हत्या 40 हजार रुपये के बकरी कारोबार ...और पढ़ें

    दोस्त की सिर काटकर हत्याकरने  वाले को उम्रकैद। फाइल फोटो

    दोस्त की सिर काटकर हत्याकरने वाले को उम्रकैद। फाइल फोटो

    HighLights

    1. मुख्य आरोपित जागीर सिंह को उम्रकैद की सजा मिली।

    2. 40 हजार के बकरी कारोबार विवाद में हुई थी हत्या।

    3. मृतक की पत्नी को मुआवजा देने की सिफारिश की गई।

    जागरण संवादाता, मोहाली। बकरी के कारोबार में 40 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर दोस्त की सिर काटकर हत्या करने के मामले में स्थानीय अदालत ने मुख्य आरोपित को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही मृतक की पत्नी को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के माध्यम से मुआवजा देने की सिफारिश की है। मामले में साक्ष्य के अभाव में दो अन्य आरोपितों को बरी कर दिया गया।

    एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज विक्रांत कुमार की अदालत ने जागीर सिंह उर्फ घोला को हत्या का दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। अदालत ने 17 जुलाई को आरोपित को दोषी ठहराया था। सजा पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उसे उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटार्नी हरदीप सिंह रोमाना ने पैरवी की।

    अभियोजन के अनुसार 12 जून 2021 को सिसवां में जागीर सिंह और सुच्चा सिंह साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान बकरियों की खरीद-फरोख्त से जुड़े 40 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर जागीर सिंह ने तलवार से हमला कर सुच्चा सिंह का सिर धड़ से अलग कर दिया। वारदात के बाद आरोपित ने बिना सिर वाले शव को तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सिसवां स्थित फार्महाउस के पास दफना दिया, जबकि सिर को दूसरी जगह फेंक दिया।

    मामले का खुलासा 21 जून 2021 को उस समय हुआ, जब मृतक का पालतू कुत्ता बार-बार स्वजन को एक स्थान पर ले जाने लगा। शक होने पर पुलिस ने खुदाई करवाई तो बिना सिर का शव बरामद हुआ। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर हत्याकांड का पर्दाफाश किया।

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    अदालत ने अपने फैसले में माना कि मुख्य आरोपित के खिलाफ हत्या के पर्याप्त साक्ष्य पेश किए गए हैं। वहीं, सह-आरोपित सतनाम सिंह उर्फ सनी और देशराज उर्फ देसा की संलिप्तता संदेह से परे साबित नहीं होने के कारण उन्हें बरी कर दिया गया।