यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पंजाब में 'कागजी' विभाग के मंत्री थे धालीवाल, 20 महीने से न कोई बैठक न स्टाफ; अब खुली सरकार की आंखें
AAP Minister Punjab पंजाब में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जिससे सियासी भूचाल आ गया है। कुलदीप सिंह धालीवाल (Kuldeep Singh Dhaliwal) जिस मंत् ...और पढ़ें

HighLights
- अब अस्तित्व में ही नहीं है पंजाब का प्रशासनिक सुधार विभाग
- 2023 में कुलदीप सिंह धालीवाल को आवंटित किया था ये विभाग
पीटीआई, चंडीगढ़। पंजाब में इन दिनों सियासी भूचाल मचा है। अब एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पंजाब के कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल को बताया गया कि उनके पास केवल एनआरआई मामलों का विभाग बचा है, क्योंकि पिछले करीब 20 महीने से उनके पास जो प्रशासनिक सुधार विभाग था, वह अस्तित्व में ही नहीं है।
यह जानकारी एक सरकारी अधिसूचना में दी गई है। सूत्रों ने बताया कि प्रशासनिक सुधार विभाग के लिए मंत्री को कोई स्टाफ नहीं दिया गया और न ही इससे संबंधित कोई बैठक हुई।
अस्तित्व में ही नहीं है ये विभाग
शुक्रवार को जारी एक सरकारी अधिसूचना में कहा गया कि मंत्रियों के बीच विभागों के आवंटन के संबंध में पंजाब सरकार की अधिसूचना संख्या 21/1/2022-2 कैबिनेट/2230 दिनांक 23.09.24 में आंशिक संशोधन करते हुए, कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल को पहले आवंटित प्रशासनिक सुधार विभाग आज अस्तित्व में नहीं है।
कुलदीप धालीवाल को आवंटित हुआ था विभाग
मई 2023 में कैबिनेट फेरबदल के दौरान धालीवाल को प्रशासनिक विभाग का पोर्टफोलियो दिया गया था, जब उन्हें कृषि और किसान कल्याण विभाग से मुक्त कर दिया गया था, लेकिन एनआरआई मामलों के विभाग को बरकरार रखा गया था।
कृषि और किसान कल्याण का पोर्टफोलियो गुरमीत सिंह खुद्डियन को दिया गया था। भगवंत मान सरकार ने प्रशासनिक सुधार विभाग क्यों खत्म किया है, फिलहाल इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
भाजपा ने किया कटाक्ष
इस बीच, विपक्षी दलों ने शनिवार को आप सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि आप सरकार शासन को लेकर कितनी गंभीर है। पंजाब भाजपा के महासचिव सुभाष शर्मा ने कहा, "यह सरकार के मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है कि एक ऐसा विभाग आवंटित किया गया है, जो अस्तित्व में नहीं है।
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उन्होंने कहा कि न तो इसे आवंटित करने वालों को, और न ही जिन्हें विभाग आवंटित किया गया था, उन्हें इस तथ्य की जानकारी थी कि यह विभाग अस्तित्व में नहीं है।"
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हरसिमरत कौर ने कही ये बात
शिअद नेता और बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भी आप सरकार पर कटाक्ष किया। बादल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि आम आदमी पार्टी स्टाइल में शासन। मंत्रियों को ऐसे विभाग आवंटित किए गए जो अस्तित्व में ही नहीं थे और उन्हें खुद भी नहीं पता कि उनके पास कौन से विभाग हैं। यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि मंत्रियों की शासन में कोई भूमिका नहीं है क्योंकि सरकार दिल्ली से रिमोट कंट्रोल से चल रही है।
Governance @AAPPunjab style. Allocate non existent departments to ministers who themselves are ignorant of the portfolios they hold. All this is happening because ministers have no role in governance as the govt is being run in remote control from Delhi. pic.twitter.com/LNGyYfwGZX
— Harsimrat Kaur Badal (@HarsimratBadal_) February 22, 2025
राजा वड़िंग ने लिखा- क्या बदलाव किया है
पंजाब कांग्रेस प्रमुख और लुधियाना के सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी एक पोस्ट में सरकार पर कटाक्ष किया। इस मामले पर एक अखबार की कटिंग शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि क्या 'बदलाव' है।