कलेर और रोमाणा ने बताया कि सुखबीर बादल पहले से निर्धारित राजनीतिक कार्यक्रमों के कारण शुक्रवार को पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने एसआइटी को बताया है कि सुखबीर बादल 30 सितंबर के बाद ही पूछताछ के लिए उपलब्ध होंगे।
कलेर ने बताया कि पिछले दिनों सुखबीर बादल को चोट लगी थी और शुक्रवार को उनका चिकित्सकीय परीक्षण भी होना था। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से एसआइटी से यह मांग भी की गई है कि सुखबीर बादल से लिखित में सवाल पूछे जाएं। वह प्रत्येक सवाल का हस्ताक्षर के साथ जवाब देने के लिए तैयार हैं।
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30 सितंबर तक हैं व्यस्त
अर्शदीप सिंह कलेर ने आम आदमी पार्टी सरकार पर इस मामले को राजनीतिक रूप देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक आने के कारण सुखबीर बादल को पूछताछ के लिए बुलाना राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। पार्टी के कई कार्यक्रम पहले से तय हैं, जिसके चलते 30 सितंबर तक व्यस्तता है। इसके बाद सुखबीर बादल एसआइटी के सामने पेश हो सकते हैं।
कलेर ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार के खिलाफ लोगों में बढ़ रहे आक्रोश से ध्यान हटाने के लिए बहबल कलां और बरगाड़ी की घटनाओं का मुद्दा दोबारा उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को करीब 11 वर्ष हो चुके हैं और इस दौरान पंजाब में तीन मुख्यमंत्री तक बदल चुके हैं। अब इसे फिर राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है।
कलेर और रोमाणा ने सुखबीर बादल पर जांच में सहयोग नहीं करने के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि पिछली बार भी ऐसा माहौल बनाने का प्रयास किया गया था, जबकि सुखबीर बादल जांच में सहयोग कर रहे हैं।
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20 जुलाई को हुई थी दो घंटे पूछताछ
वर्ष 2015 में बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के बाद बहबल कलां में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग हुई थी। इसमें कृष्ण भगवान सिंह और गुरजीत सिंह की मौत हुई थी।
मामले की जांच विभिन्न आयोगों और जांच दलों के बाद अब पंजाब पुलिस की एसआइटी कर रही है। 20 जुलाई को सुखबीर बादल से करीब दो घंटे पूछताछ हुई थी। इसके बाद उन्हें 11 सितंबर को दोबारा पेश होने के लिए समन भेजा गया था। अब उनकी अगली पेशी की तारीख एसआइटी तय करेगी।