Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Blinkit, Zepto और Zomato से '10 मिनट में डिलीवरी' की शर्त हटी, AAP सांसद राघव चड्ढा ने जताई खुशी; केंद्र सरकार का किया धन्यवाद

    Updated: Tue, 13 Jan 2026 05:00 PM (IST)

    आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा के प्रयासों के बाद केंद्र सरकार ने '10-मिनट डिलीवरी' ब्रांडिंग पर रोक लगा दी है। ब्लिंकिट, जेप्टो और ज़ोमैटो जैसे ए ...और पढ़ें

    '10 मिनट में डिलीवरी' की शर्त हटी

    '10 मिनट में डिलीवरी' की शर्त हटी

    HighLights

    1. राघव चड्ढा के प्रयास सफल, '10-मिनट डिलीवरी' ब्रांडिंग हटी

    2. ब्लिंकिट, जेप्टो, ज़ोमैटो ने 10 मिनट की समय सीमा खत्म की

    3. डिलीवरी राइडर्स की सुरक्षा और कार्यदशा में सुधार सुनिश्चित

    डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की कोशिशों के बाद, केंद्र सरकार ने "10-मिनट डिलीवरी" ब्रांडिंग पर रोक लगा दी है। ब्लिंकिट, जेप्टो और जोमैटो जैसे एग्रीगेटर्स ने इस टाइम लिमिट को बंद करने पर सहमति जताई है।

    इस कदम से डिलीवरी राइडर्स पर से गैर-जरूरी दबाव हटेगा और उन्हें बेहतर काम करने की स्थिति मिलेगी, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। राघव चड्ढा ने सरकार के इस फैसले पर खुशी जताई और इसे सभी गिग वर्कर्स की जीत बताया।

    हमने जीत हासिल की है: राघव चड्ढा

    उन्होंने सोशल साइट एक्स पर लिखा, ''सत्यमेव जयते। साथ मिलकर, हमने जीत हासिल की है। मैं केंद्र सरकार का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से "10-मिनट डिलीवरी" ब्रांडिंग को हटाने के लिए समय पर, निर्णायक और दयालु कदम उठाया। यह एक बहुत जरूरी कदम था, क्योंकि जब राइडर की टी-शर्ट/जैकेट/बैग पर "10 मिनट" लिखा होता है और ग्राहक की स्क्रीन पर टाइमर चलता है, तो दबाव असली, लगातार और खतरनाक होता है।

    उन्होंने कहा यह कदम डिलीवरी राइडर्स और हमारे सड़कों पर चलने वाले सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

    केंद्र सरकार का किया धन्यवाद

    राघव चड्ढा ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में, उन्होंने सैकड़ों डिलीवरी पार्टनर्स से बात की है। उनमें से कई ज्यादा काम करते हैं, लेकिन इसके एवज में उन्हें कम पैसे मिलते हैं। वह एक अवास्तविक वादे को पूरा करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं।

    आप सांसद ने कहा, ''मैं हर उस नागरिक को धन्यवाद देता हूं जो हमारे साथ खड़ा रहा। आप इंसान की जिंदगी, सुरक्षा और गरिमा के पक्ष में मजबूती से खड़े रहे। मैं हर गिग वर्कर से कहता हूं कि आप अकेले नहीं हैं, हम सब आपके साथ हैं।''

    खबरें और भी

    राघव चड्ढा खुद बने थे गिग वर्कर!

    इससे पहले सोमवार को राघव चड्ढा ने एक वीडियो भी शेयर किया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि वह एक दिन के लिए ब्लिंकिट डिलीवरी एजेंट बने थे। इस दौरान उन्होंने गिग इकॉनमी से जुड़े डिलीवरी एजेंट्स की स्थिति को समझा। वीडियो में देखा गया कि पीली यूनिफार्म पहनकर, पीठ पर डिलीवरी बैग लटकाए और मोबाइल ऐप के जरिए ऑर्डर स्वीकार करते हुए चड्डा एक राइडर के साथ स्कूटर पर सवार होकर डिलीवरी करने निकले।

    ट्रैफिक, समय की पाबंदी, ऊंची इमारतों में फ्लैट ढूंढना, लिफ्ट का इंतजार और समय पर ऑर्डर पहुंचाने का दबाव, इन सभी अनुभवों को उन्होंने खुद जिया। बाद में उन्होंने इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर साझा किया और लिखा, ''बोर्डरूम से दूर, जमीनी हकीकत में। मैंने उनका एक दिन जिया।''