रिश्वत केस में फंसे चंडीगढ़ पुलिस के कर्मचारी धमका रहेगवाह को, CBI ने की जमानत रद करने की मांग
सीबीआई ने आठ साल पुराने रिश्वत मामले में गवाह को धमकाने के आरोप में चंडीगढ़ पुलिस के तत्कालीन सब इंस्पेक्टर सेवा सिंह और काॅन्स्टेबल सुमित की जमानत रद ...और पढ़ें

सीबीआई कोर्ट में अर्जी, पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग।
HighLights
रिश्वत मामले की आठ साल से चल रही सुनवाई।
सीबीआई कोर्ट ने दोनों पुलिसकर्मियों को भेजा नोटिस।
मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। आठ साल पुराने रिश्वत मामले में गवाह को धमकियां देने के आरोप में सीबीआई ने तत्कालीन सब इंस्पेक्टर सेवा सिंह और काॅन्स्टेबल सुमित की जमानत रद कर उन्हें वापस जेल भेजने की मांग की है। इन दोनों पर इस केस के एक अहम गवाह को धमकाने के आरोप लगे हैं।
गवाह ने खुद सीबीआई कोर्ट में शिकायत दी है और उसका कहना है कि इन पुलिसकर्मियों के कहने पर एक शख्स बार-बार उनके हक में गवाही देने के लिए कह रहा है। इस कारण वह मानसिक रूप से परेशान हो चुका है। ऐसे में उसने इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
सीबीआई कोर्ट ने शिकायत के आधार पर इन पुलिसकर्मियों से जवाब भी मांगा था। अब सीबीआई ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर इन्हें मिले जमानत के लाभ को रद करने की मांग की है। इस पर सीबीआई कोर्ट ने दोनों पुलिसकर्मियों को जवाब देने के लिए नोटिस जारी कर दिया है।
मामले में अगली सुनवाई चार अगस्त को होगी। मई 2018 को सीबीआई ने चंडीगढ़ पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर सेवा सिंह को पांच हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोप था कि वह काॅलोनी नंबर-4 निवासी मुन्ना कुमार से रिश्वत की मांग कर रहा था।
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मुन्ना ने सीबीआई को दी शिकायत में बताया था कि छह मई 2018 को उसने काॅलोनी नंबर-4 की लाइट पाइंट के पास लगे नाके को तोड़ा था। बस इसी आरोप में पुलिसकर्मी उसके घर आ गए और उसे धमकियां देने लगे।
पुलिसकर्मियों ने उसे धमकाया कि उसकी बाइक को इंपाउंड किया जाएगा और उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाएंगे। फिर आरोपित पुलिसकर्मियों ने उससे रिश्वत की मांग की। ऐसे में मुन्ना ने तंग आकर सीबीआई को शिकायत दे दी थी।