चंडीगढ़ में हर स्ट्रीट वेंडर्स के लिए तीन डस्टबिन, नियम का करना होगा पालन; जानिए कौनसे रंग में क्या डालें?
चंडीगढ़ नगर निगम ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्ट्रीट वेंडर्स के लिए तीन डस्टबिन रखना अनिवार्य किया है। इससे कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण होगा और शहर ...और पढ़ें

हरा-नीला और काला तीन रंग के डस्टबिन रखने होंगे।
HighLights
स्ट्रीट वेंडरों के लिए तीन डस्टबिन रखना अनिवार्य किया।
नगर निगम वेंडरों को डस्टबिन मुफ्त में उपलब्ध कराएगा।
कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण सुनिश्चित होगा।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। स्वच्छ भारत मिशन को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए चंडीगढ़ नगर निगम ने स्ट्रीट वेंडरों के लिए तीन अलग-अलग डस्टबिन रखना अनिवार्य कर दिया है। इन डस्टबिनों का उद्देश्य कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण (सेग्रिगेशन) सुनिश्चित करना है, ताकि गीले और सूखे कचरे के साथ अन्य अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सके।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, डस्टबिन खरीदने का खर्च वेंडर्स पर नहीं डाला जाएगा। निगम स्वयं सभी पंजीकृत वेंडर्स को डस्टबिन उपलब्ध कराएगा। इसके लिए आवश्यक राशि वेंडरों से विभिन्न नियमों के उल्लंघन पर वसूले गए चालानों से जुटी है।
उसी धनराशि का उपयोग उनकी सुविधाओं पर किया जाएगा। एंफोर्समेंट विंग और एमओएच विंग दोनों ही वेंडर्स के चालान करती हैं। ऐसे डस्टबिन प्रत्येक वेंडिंग जोन में लगाए जाएंगे।
वेंडर्स को जोन में किया जा रहा शिफ्ट
चंडीगढ़ में वर्तमान में चार हजार से अधिक स्ट्रीट वेंडर पंजीकृत हैं। नगर निगम की योजना के तहत आवश्यक सेवाओं (एसेंशियल) से जुड़े वेंडरों को छोड़कर अन्य अधिकांश नान-एसेंशियल वेंडरों को निर्धारित वेंडिंग जोन में स्थानांतरित किया जा रहा है।
इन वेंडिंग जोन में पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, कचरा संग्रहण और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा शहर के प्रमुख स्थानों पर दिशा-सूचक बोर्ड भी लगाए जाएंगे, ताकि लोग आसानी से वेंडिंग जोन तक पहुंच सकें।
कम होगी गंदगी
नगर निगम का मानना है कि वेंडिंग जोन विकसित होने और कचरा पृथक्करण की व्यवस्था लागू होने से सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी कम होगी, सफाई व्यवस्था बेहतर होगी और शहर की स्वच्छता रैंकिंग में भी सुधार होगा।
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निगम सदन की बैठक में भी यह मुद्दा उठा था। अधिकारियों ने कहा कि सभी वेंडरों को डस्टबिनों का अनिवार्य रूप से उपयोग करना होगा और कचरे को अलग-अलग डालना होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
किस रंग का डस्टबिन किस कचरे के लिए
- हरा- गीला कचरा जैसे बचा हुआ भोजन, फल-सब्जियों के छिलके, चाय की पत्ती, जैविक अपशिष्ट
- नीला- सूखा कचरा – कागज, प्लास्टिक, धातु, कांच, पैकेजिंग सामग्री
- काला- अन्य (रिजेक्ट) कचरा – गंदे टिश्यू, मल्टी-लेयर पैकेजिंग, थर्मोकोल और ऐसा कचरा जिसे रिसाइकिल या कंपोस्ट नहीं किया जा सकता।