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    चंडीगढ़ में 50 वर्ष पुरानी इमारत क्यों ढही? तकनीकी जांच रिपोर्ट में खुलासा; दो कारोबारियों की मौत मामले में आगे बढ़ेगी कार्रवाई

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 07:00 AM (GMT+05:30)

    चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में 50 साल पुरानी इमारत ढहने की तकनीकी रिपोर्ट आ गई है, जिसमें कमजोर लोड बेयरिंग चिनाई और सामने की दीवार हटाना मुख् ...और पढ़ें

    इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में 50 वर्ष पुरानी दो मंजिला इमारत गिरने से 4 जुलाई को हुआ था हादसा।

    इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में 50 वर्ष पुरानी दो मंजिला इमारत गिरने से 4 जुलाई को हुआ था हादसा।

    HighLights

    1. एनआईटीटीआर ने तकनीकी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी।

    2. कमजोर चिनाई और दीवार हटाने से ढही इमारत।

    3. मेरठ के दो कारोबारियों की मलबे में दबने से हुई थी मौत।

    राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में 50 वर्ष पुरानी दो मंजिला इमारत के ढहने का कारण तकनीकी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हो गया है। यह रिपोर्ट रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी गई है, जिसके बाद अब दो कारोबारियों की मौत मामले में कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

    राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीआर) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की तकनीकी रिपोर्ट में इमारत ढहने का कारण स्पष्ट किया गया है।

    रिपोर्ट में इमारत के ढहने का मुख्य कारण भवन की लोड बेयरिंग चिनाई (मेसनरी) प्रणाली का कमजोर होना और सामने की लोड बेयरिंग दीवार का हटाया जाना था। इसी कारण पूरी आरसीसी फ्लोर प्रणाली क्रमिक रूप से ध्वस्त हो गई।

     छत और भूकंप सुरक्षा बैंड (सीस्मिक बैंड) का अभाव तथा बड़ी खिड़कियों के कारण संकरी दीवारें भी भवन की मजबूती कम करने के प्रमुख कारण रहे। हादसा 4 जुलाई को हुआ था, जिसमें तरुण जैन और तरुण कौशिक की मौत हो गई थी।

    दोनों उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले थे और रिश्तेदार थे। उन्होंने यह इमारत किराये पर ली थी और मोटरसाइकिल डीलरशिप खोलने की तैयारी कर रहे थे। जब हादसा हुआ तब इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था। यह बिल्डिंग 50 वर्ष पुरानी बताई गई।

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    हादसे के बाद इसकी जांच की जिम्मेदारी एसडीएम पवित्र सिंह को सौंपी गई थी। प्रशासन ने तकनीकी जांच के लिए एनआईटीटीआर से रिपोर्ट मांगी थी।

    अब संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा में प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। प्रशासन रिपोर्ट के आधार पर निर्माण नियमों के उल्लंघन और लापरवाही के पहलुओं की भी जांच करेगा।