चंडीगढ़ निगम चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा फैसला, दो समितियां की गठित; पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल को फिर अहम जिम्मेदारी
कांग्रेस हाईकमान ने चंडीगढ़ में नगर निगम और संगठनात्मक चुनावों से पहले दो महत्वपूर्ण समितियां गठित की हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल को इनम ...और पढ़ें

पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल को एक बार फिर कांग्रेस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी।
HighLights
पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी और प्रदेश चुनाव समिति का गठन।
महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी किए गए आदेश।
निगम चुनाव और संगठनात्मक चुनावों से पहले अहम फैसला।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। नगर निगम चुनाव और संगठनात्मक चुनावों से पहले कांग्रेस हाईकमान ने चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (सीटीसीसी) के लिए पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी और प्रदेश चुनाव समिति का गठन कर दिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार दोनों समितियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
सबसे अहम बात यह रही कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल को एक बार फिर पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें सांसद मनीष तिवारी के साथ पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी में शामिल किया गया है। राजनीतिक हलकों में इसे बंसल की संगठन में सक्रिय भूमिका की वापसी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
दरअसल, पिछले लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद पवन बंसल नाराज चल रहे थे। उन्होंने पार्टी की गतिविधियों से दूरी बना ली थी और चुनाव प्रचार में भी सक्रिय भूमिका नहीं निभाई थी। उनके समर्थक कई नेताओं पर भी संगठनात्मक कार्रवाई की गई थी। ऐसे में उन्हें शीर्ष समिति में शामिल किया जाना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी में मनीष तिवारी, पवन कुमार बंसल, एचएस लक्की, कमलेश, चंदर शर्मा, रविंदर सिंह पाली, जेडपी खान और मनोज लुबाना को सदस्य बनाया गया है। एआईसीसी के चंडीगढ़ प्रभारी और उनके साथ संबद्ध सचिव पदेन सदस्य होंगे।
16 सदस्यीय चुनाव समिति
वहीं, 16 सदस्यीय प्रदेश चुनाव समिति में मनीष तिवारी, एचएस लक्की, कमलेश, चंदर शर्मा, सुरिंदर सिंह, राज कुमार गोयल, रविंदर सिंह पाली, जेडपी खान, डीपीएस रंधावा, पवन शर्मा, जितेंद्र भाटिया, हरमैल बैंस (केसरी), राजिंदर कुमार नीती, स्टेला मैरी जॉर्ज, डीडी जिंदल और कुलदीप सिंह कालिंबवाला को शामिल किया गया है।
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इसके अलावा एआईसीसी प्रभारी, उनके साथ संबद्ध सचिव और राज्य के सभी फ्रंटल संगठनों के प्रमुख पदेन अथवा विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे। कांग्रेस के लिए यह गठन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि करीब तीन से चार महीने बाद चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव प्रस्तावित हैं।
साथ ही पार्टी में संगठनात्मक चुनाव भी जारी हैं और अगस्त के अंत तक जिला अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया पूरी होनी है। ऐसे में नई समितियां चुनावी रणनीति तय करने और संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।