Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    चंडीगढ़ में 7 साइबर ठगों को जमानत नहीं; बुजुर्गों को बनाया निशाना, 2.5 करोड़ रुपये से ज्यादा ठगे

    By Sohan Lal Edited By: Sohan Lal
    Updated: Sun, 12 Apr 2026 03:11 PM (GMT+05:30)

    पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 2.5 करोड़ रुपये के साइबर धोखाधड़ी मामले में सात आरोपितों की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने बुजुर्गों को निशाना बनाने ...और पढ़ें

    साइबर अपराध के बदलते स्वरूप और डिजिटल गिरफ्तारी के मामले बढ़ रहे।

    साइबर अपराध के बदलते स्वरूप और डिजिटल गिरफ्तारी के मामले बढ़ रहे।

    HighLights

    1. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला।

    2. जांच एजेंसियों को सक्षम बनाने की आवश्यकता बताई।

    3. , व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर जोर।


    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 2.5 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में मोहम्मद अजीत सहित सात साइबर ठगों को नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने साइबर अपराध के बदलते स्वरूप और डिजिटल गिरफ्तारी जैसे नए तरीकों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, विशेषकर बुजुर्ग नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है।

    हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि डिजिटल गिरफ्तारी अब एक सुनियोजित अपराध के रूप में उभर चुका है। इसमें ठग खुद को सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को मानसिक दबाव में लेते हैं और उनकी जमा-पूंजी हड़प लेते हैं। अदालत ने इसे धोखाधड़ी के साथ-साथ एक जटिल आपराधिक षड्यंत्र करार दिया।

    मामले में चंडीगढ़ की एक 70 वर्षीय सेवानिवृत्त महिला को एक महीने तक लगातार वीडियो काल और धमकियों के जरिए मानसिक रूप से नियंत्रित किया गया। आरोपितों ने महिला को डिजिटल गिरफ्तारी में होने का डर दिखाया और फर्जी दस्तावेज दिखाकर उसे भ्रमित किया।

    अदालत ने कहा कि पीड़िता को इस तरह से भयभीत किया गया कि उसने अपने परिजनों से भी यह बात साझा नहीं की और अपनी जीवन भर की कमाई आरोपितों को सौंप दी। जमानत याचिकाओं को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि आरोप गंभीर हैं और जांच के दौरान आरोपितों की भूमिका स्पष्ट है।

    खबरें और भी

    अदालत ने जांच एजेंसियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनने की आवश्यकता पर जोर दिया और सरकार से व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की अपील की, ताकि बुजुर्ग नागरिक इस तरह की ठगी से बच सकें।