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    चंडीगढ़ में पारिवारिक मामलों का कैसा होगा त्वरित निपटारा? फैमिली कोर्ट न होने पर उठे सवाल; हाईकोर्ट ने प्रशासन से मांगा जवाब

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 07:13 PM (IST)

    चंडीगढ़ में अलग फैमिली कोर्ट न होने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पीपल वेलफेयर सोसाइटी की याचिका में प ...और पढ़ें

    याचिकाकर्ता ने कहा कि चंडीगढ़ में फैमिली कोर्ट को लेकर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    याचिकाकर्ता ने कहा कि चंडीगढ़ में फैमिली कोर्ट को लेकर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    HighLights

    1. चंडीगढ़ में आज तक अलग फैमिली कोर्ट का गठन नहीं।

    2. हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन से जवाब तलब किया है।

    3. पारिवारिक मामलों के त्वरित निपटारे का मुद्दा उठाया गया।

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ में अब तक अलग फैमिली कोर्ट स्थापित नहीं किए जाने के मुद्दे पर यूटी प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। यह आदेश पीपल वेलफेयर सोसाइटी की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।

    याचिका में कहा गया है कि देश के अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पारिवारिक विवादों के शीघ्र एवं संवेदनशील निपटारे के लिए फैमिली कोर्ट स्थापित हैं, लेकिन चंडीगढ़ में आज तक अलग फैमिली कोर्ट का गठन नहीं किया गया।

    इसके कारण तलाक, भरण-पोषण, बच्चों की अभिरक्षा, वैवाहिक विवाद और अन्य पारिवारिक मामलों में पक्षकारों को सामान्य अदालतों में लंबा इंतजार करना पड़ता है। याचिकाकर्ता का कहना है कि फैमिली कोर्ट अधिनियम, 1984 का उद्देश्य पारिवारिक विवादों का सौहार्दपूर्ण और त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।

    अलग फैमिली कोर्ट होने से मामलों की सुनवाई अधिक संवेदनशील वातावरण में होती है और लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है। इसके बावजूद चंडीगढ़ में अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को नोटिस जारी कर इस संबंध में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

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    अदालत अब प्रशासन से यह जानना चाहती है कि चंडीगढ़ में फैमिली कोर्ट की स्थापना अब तक क्यों नहीं की गई और इस दिशा में क्या कदम उठाए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई में यूटी प्रशासन अपना पक्ष हाई कोर्ट के समक्ष रखेगा।