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    दिवंगत पूर्व विधायक अजीब सिंह बवाल में शामिल? 15 नामजद नेताओं में शामिल; चंडीगढ़ पुलिस की FIR पर उठे सवाल

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 11:49 AM (GMT+05:30)

    चंडीगढ़ पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने वाले अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के नेताओं और समर्थकों पर एफआईआर दर्ज की है। इस एफआईआर में जनवरी 2025 म ...और पढ़ें

    वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह की रिहाई को लेकर किया था प्रदर्शन।

    वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह की रिहाई को लेकर किया था प्रदर्शन।

    HighLights

    1. करीब तीन हजार प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर।

    2. तलवारें, फरसे, भाले और डंडे लेकर नारेबाजी की।

    3. पुलिस की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हुए।

    मनोज बिष्ट, चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के सरकारी आवास की ओर कूच करने वाले अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के नेताओं और समर्थकों के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। सेक्टर-49 थाना पुलिस ने 15 नामजद नेताओं सहित करीब 3,000 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    यह एफआईआर अब विवादों में है। इस एफआईआर में जिन 15 नेताओं को नामजद किया गया है, उनमें पूर्व विधायक अजीब सिंह मखमेलपुर का नाम भी शामिल है, जबकि उनकी मृत्यु जनवरी 2025 में हो चुकी थी।

    इस तथ्य के सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। कानूनी जानकारों का कहना है कि एफआईआर में नामजद आरोपितों की पहचान और तथ्यों का प्राथमिक सत्यापन आवश्यक होता है। यदि दिवंगत व्यक्ति का नाम एफआईआर में शामिल किया गया है, तो यह जांच प्रक्रिया में गंभीर चूक को दर्शाता है।

    एफआईआर के अनुसार वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह की रिहाई को लेकर बुधवार दोपहर करीब एक बजे प्रदर्शनकारी सेक्टर-50/51/44/45 स्थित गोशाला चौक पहुंचे और सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

    पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तलवारें, फरसे, भाले और डंडे लेकर नारेबाजी की तथा मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए समर्थकों को उकसाया। पुलिस के अनुसार मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को कई बार समझाया कि शहर में बीएनएसएस की धारा-163 लागू है और बिना अनुमति प्रदर्शन नहीं किया जा सकता।

    उन्हें सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में प्रदर्शन करने की सलाह दी गई, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। एफआइआर में आरोप लगाया गया है कि नेताओं ने समर्थकों को हमला करो, बैरिकेड तोड़ो और आगे बढ़ो कहकर उकसाया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिस बल पर हमला कर दिया।

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    हालात को नियंत्रित करने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अनुमति से पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ गए। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 121(1), 132 और 223 सहित अन्य प्रविधानों के तहत मामला दर्ज किया है।

    एफआईआर में सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने और आम लोगों के आवागमन में बाधा उत्पन्न करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई है। वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अन्य प्रदर्शनकारियों की पहचान कर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

    वाटर कैनन को भी पहुंचाया नुकसान

    एफआईआर के मुताबिक कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस के वाटर कैनन वाहन पर चढ़ गए और उसका नोजल तोड़ दिया। साथ ही वाहन चालक के साथ भी मारपीट की। इस दौरान एएसआइ गुरजीत सिंह के हाथ में गंभीर चोट आई, जबकि अन्य पुलिसकर्मियों को भी मामूली चोटें लगीं।

    इन नेताओं को किया गया नामजद

    पुलिस ने जिन नेताओं को नामजद किया है, उनमें विधायक मनप्रीत सिंह अयाली, सतिंदरजीत सिंह गिल, काबल सिंह भुल्लर, जगदीप सिंह कंसाला, इकबाल सिंह संधू, परमजीत सिंह जौहल, पूर्व विधायक अजीब सिंह मखमैलपुर, चमकौर सिंह धुन्न, अधिवक्ता इमान सिंह खारा, जसविंदर सिंह द्रोली, इकबाल सिंह चुंडा, करनैल सिंह पंजोली, लखा सिधाना, भाना सिद्धू और लखवीर सिंह लखा शामिल हैं।