CCTV फुटेज, संदिग्धों का सुराग...फिर भी FIR नहीं; सोने का हार और नकदी चोरी मामले में चंडीगढ़ पुलिस पर उठे सवाल
चंडीगढ़ के मनीमाजरा में एक कारोबारी के घर से साढ़े सात लाख का सोने का हार और नकदी चोरी हो गई। सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों की जानकारी देने के बावजूद पु ...और पढ़ें

कारोबारी ने यह सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराई है, जिससे वो चोरी की घटना से जुड़ा बता रहे हैं।
HighLights
कारोबारी के घर से साढ़े सात लाख का सोना और नकदी चोरी।
सीसीटीवी फुटेज व संदिग्धों की जानकारी के बावजूद केस नहीं।
मनीमाजरा पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल, कार्रवाई में देरी।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। मनीमाजरा थाना पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। दर्शनी बाग निवासी कारोबारी के घर से करीब साढ़े सात लाख रुपये मूल्य का पांच तोले का सोने का हार और 40 हजार रुपये चोरी हो गए। घटना के कई दिन बीतने के बावजूद न तो एफआइआर दर्ज की गई और न ही संदिग्धों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई हुई।
पीड़ित पुलिस को सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध युवतियों की तस्वीरें और उनके बारे में अहम जानकारी तक उपलब्ध करा चुका है। दर्शनी बाग निवासी आशीष शर्मा ने बताया कि वह पैकिंग के गत्ते के डिब्बे बनाने का कारोबार करते हैं। उन्होंने रायपुर रानी में एक प्लाॅट का सौदा किया था, जिसके बयाने के लिए पांच तोले का सोने का हार बेचने का निर्णय लिया था।
इस संबंध में उनकी एक ज्वेलर से बातचीत भी हो चुकी थी। 16 जुलाई की दोपहर उन्होंने घर में अलमारी से हार और 40 हजार रुपये निकालकर बेड पर रखे और कुछ मिनट के लिए बाथरूम चले गए। उनकी मां नीरू शर्मा दूसरे कमरे में थीं। करीब पांच मिनट बाद लौटे तो हार और नकदी गायब थी।
घटना के बाद जब घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई तो उसमें दो युवतियां घर में दाखिल होती और कुछ देर बाद बाहर निकलती दिखाई दीं। फुटेज में उनके घर में आने और जाने का समय भी स्पष्ट है। आशीष का कहना है कि उन्होंने उसी दिन फुटेज पुलिस को सौंप दी थी।
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आशीष का दावा है कि पुलिस के हाथ पर हाथ धरे बैठे रहने के कारण उन्होंने खुद ही संदिग्ध युवतियों की तलाश शुरू की। दोनों संदिग्ध युवतियों का सुराग भी लगाया और इसकी सूचना भी मनीमाजरा थाना पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने न तो उन्हें हिरासत में लिया और न ही अब तक मामला दर्ज किया।
पीड़ित का आरोप है कि हर बार थाने जाने पर केवल जांच का हवाला देकर टाल दिया जाता है। पुलिस की धीमी कार्रवाई से निराश आशीष ने शहर के कई ज्वेलर्स को चोरी हुए हार का पूरा विवरण दे दिया है। उनका कहना है कि यदि कोई आरोपित हार बेचने पहुंचे तो तुरंत सूचना मिल सके। उनका आरोप है कि जिस काम में पुलिस को सक्रिय होना चाहिए था, वह काम अब उन्हें खुद करना पड़ रहा है।