यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Chandigarh Mayor Election 2024: BJP के मनोज सोनकर ने मेयर पद से दिया इस्तीफा, कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
Chandigarh Mayor Election 2024 चंडीगढ़ मेयर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले भाजपा के मेयर मनोज सोनकर ने इस्तीफा दे दिया है। वहीं आप के तीन ...और पढ़ें

राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। चंडीगढ़ मेयर चुनाव (Chandigarh Mayor Election 2024) विवाद को लेकर राजनीतिक दलों में घमासान मचा हुआ है। अब इसी बीच बीजेपी के मनोज सोनकर ने मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है। भाजपा अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा ने इस बात की पुष्टि की है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले मनोज सोनकर ने मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है।
फिर से मेयर चुनाव की पेशकश
भाजपा आम आदमी पार्टी के तीन पार्षदों को अपने यहां पर शामिल करवा कर अपनी संख्या बढ़ाना चाहती है। फिर से मेयर चुनाव होने पर भाजपा सोनकर को उम्मीदवार नहीं बनाना चाहती।
कांग्रेस पार्षदों से भी भाजपा बना रही संपर्क
वहीं भाजपा कांग्रेस के भी कुछ पार्षदों से संपर्क कर रही है, ताकि वहां से भी पार्षद भाजपा में शामिल हो सकें। भाजपा सोमवार को मेयर चुनाव विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले विपक्षी पार्षदों को पार्टी में शामिल करा सकती है।
चुनाव अधिकारी अनिल मसीह कोर्ट में होंगे पेश
जानकारी के अनुसार आम आदमी पार्टी के जिन तीन पार्षदों को ज्वाइन करवाया जा रहा है उनमें से एक को मेयर पद का उम्मीदवार बनाने का ऑफर दिया गया है। इस बार मेयर का पद आरक्षित वर्ग के लिए रिजर्व है।
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जिन तीन आप पार्षदों को भाजपा में शामिल करवाने की बात चल रही है उसमें दो महिला पार्षद है जो की आरक्षित वर्ग से संबंधित है। मालूम हो कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव अधिकारी अनिल मसीह को जमकर फटकार लगाई थी और सोमवार को चुनाव अधिकारी को भी पेश होने के लिए कहा गया है।
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सुनवाई से पहले भाजपा पार्षदों की बैठक
नगर निगम में इस समय 35 पार्षद है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले रविवार दोपहर को सभी भाजपा पार्षदों की आपातकालीन बैठक बुलाई गई है यह बैठक पंचकूला के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में होने वाली है। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े मौजूद रहेंगे।
मेयर चुनाव विवाद को पूरी तरह से सुलझाने की जिम्मेवारी राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावडे को दी गई है। इस उठक बैठक के बीच कांग्रेस ने अपने साथ पार्षदों की घेराबंदी मजबूत कर दी है उन्हें लगता है कि कहीं उनके भी कोई पार्षद टूट कर भाजपा में शामिल न हो जाए।
कांग्रेस के पार्षद को मिला ये ऑफर
यह भी जानकारी है कि कांग्रेस के पार्षद जसबीर सिंह बंटी को भी भाजपा में शामिल होने का ऑफर दिया गया है। उन्हें कहा गया है कि अगर वह भाजपा में शामिल हो जाते हैं तो उसे फिर से होने वाले चुनाव में मेयर पद का उम्मीदवार बना दिया जाएगा। अगर आपके तीन पार्षद बीजेपी में शामिल हो जाते हैं तो उनकी संख्या 18 हो जाएगी। इन 18 में एक सांसद किरण खेर का वोट है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अपने-अपने पार्षदों को संपर्क करने लग गई है।