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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chandigarh Mayor Election 2024: 20 पार्षदों वाले गठबंधन पर भारी पड़ी भाजपा, नाक के नीचे से छीन ली कुर्सी

Published: Tue, 30 Jan 2024 06:01 PM (IST)

Chandigarh Mayor Election 2024 में भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल कर ली है। 20 पार्षदों वाले गठबंधन को बीजेपी ...और पढ़ें

कांग्रेस और आप गठबंधन पर भारी पड़ी बीजेपी
कांग्रेस और आप गठबंधन पर भारी पड़ी बीजेपी

HighLights

  1. 20 पार्षदों वाले गठबंधन को बीजेपी के मनोज सोनकर ने 16 वोट हासिल कर धूल चटा दी।
  2. आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर गलत ढंग से जीतने का आरोप लगाया है।
  3. पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा मामला।

डिजिटल डेस्‍क, चंडीगढ़। Chandigarh Mayor Election 2024: मंगलवार को हुए चंडीगढ़ मेयर चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी ने बाजी मार ली। भाजपा ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को हराकर मेयर की कुर्सी पर अपनी जगह बना ली। 20 पार्षदों वाले गठबंधन को बीजेपी के मनोज सोनकर ने 16 वोट हासिल कर धूल चटा दी।

वहीं आप के कुलदीप को कुल 12 वोट मिले। इसी बीच नतीजों के बाद आप और कांग्रेस के पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर गलत ढंग से जीतने का आरोप लगाया है। मामला इतना बढ़ गया कि अब यह पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंच गया है। बुधवार को इसकी सुनवाई उच्च न्‍यायलय करेगा।

ऐसे बनी भाजपा विजेता

बता दें भाजपा के चंडीगढ़ नगर निगम में 14 पार्षद हैं और इस हिसाब से यह पहले नंबर पर है। वहीं आम आदमी पार्टी दूसरे नंबर पर है। कांग्रेस के साथ गठबंधन के बाद दोनों पार्टी के पार्षदों की संख्‍या 20 पहुंची। बावजूद इसके आज के चुनावों में उन्‍हें मुंह की खानी पड़ी।

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वहीं चंडीगढ़ से भाजपा की सांसद किरण खेर हैं। इनको मिलाकर बीजेपी की संख्‍या 15 पहुंचती है, लेकिन आप और कांग्रेस के साथ आने के बाद दोनों पार्टी की स्‍ट्रेंथ 20 पार्षदों की है। इससे साफ दिखता है कि स्‍ट्रेंथ के हिसाब से गठबंधन मजबूत है। फिर भी आज के चुनावी परिणाम में कुछ अलग ही देखने को मिला।

ऐसे पलटा पूरा खेल

चंडीगढ़ नगर निगम में टोटल 35 पार्षद हैं। इनमें एक सांसद का वोट मिला दिया जाए तो 36 वोट बनते हैं। इस चुनाव में जीत हासिल करने के लिए लगभग 19 वोट जरूरी होते हैं। बीजेपी की वोट को मिलाकर देखा जाए तो संख्‍या 15 तक ही पहुंची लेकिन एक अकाली दल की वोट मिलाकर कुल 16 वोट हुई।

वहीं दूसरी ओर आप की 13 और कांग्रेस की 7 मिलाकर आंकड़ा 20 पहुंच रहा था। मेयर चुनाव में कांग्रेस और आप गठबंधन की जीत पक्‍की थी, लेकिन जब रिजल्‍ट आया तो सब विपरीत ही देखने को मिला। भाजपा ने 16 वोट पाकर जीत हासिल कर ली। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की 8 वोट रिजेक्‍ट कर दी गई, जिससे उनके खाते में केवल 12 वोट ही रह गई। 20 में से 8 वोट माइनस होने के बाद गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा।

कांग्रेस और आप ने लगाए धांधलेबाजी के आरोप

इस परिणाम के बाद कांग्रेस और आप के नेताओं ने घमासान शुरू कर दिया। दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री केजरीवाल ने एक्‍स पर पोस्‍ट कर कहा कि दिन-दहाड़े घोटाला किया गया है। साथ ही आप नेता राघव चड्ढा ने भी भाजपा पर देशद्रोह का आरोप लगाया।

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मुख्‍यमंत्री भगवंत मान ने भी कई गंभीर आरोप लगाते हुए इस जीत को फर्जीवाड़ा नाम दिया। मान ने कहा कि चंडीगढ़ में मेयर चुना नहीं गया है बल्कि बिठाया गया है। पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह पर भी धांधलेबाजी करने का आरोप लगाया है।