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    जांच के नाम पर खेल! आरोपित के पैसों से खरीदारी करता रहा चंडीगढ़ पुलिस का ASI; राज खुलने पर निलंबित

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 02:13 PM (GMT+05:30)

    चंडीगढ़ पुलिस के एएसआई आशीष प्रताप सिंह को इमिग्रेशन धोखाधड़ी के आरोपी के क्रेडिट कार्ड, जब्त नकदी और ब्लैंक चेक का दुरुपयोग करने के आरोप में निलंबित ...और पढ़ें

    आरोपित एएसआई के खिलाफ विभागीय जांच शुरू।

    आरोपित एएसआई के खिलाफ विभागीय जांच शुरू।

    HighLights

    1. जीरो टाॅलरेंस के दावों पर भ्रष्टाचार का एक और धब्बा।

    2. इमिग्रेशन केस के जांच अधिकारी पर गंभीर आरोप।

    3. आरोपित के बैंक कार्ड और ब्लैंक चेक का दुरुपयोग।

    मनोज बिष्ट, चंडीगढ़।  'जीरो टालरेंस टू करप्शन' को लेकर एक बार फिर चंडीगढ़ पुलिस पर सवाल उठे हैं। सेक्टर-17 थाना में तैनात एक एएसआई पर इमिग्रेशन धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार आरोपित के क्रेडिट-डेबिट कार्ड का निजी इस्तेमाल करने, जब्त नकदी खर्च करने और ब्लैंक चेक का दुरुपयोग कराने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

    शिकायत के बाद विभाग ने एएसआई आशीष प्रताप सिंह को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने कुछ समय पहले सेक्टर-17 स्थित स्काई हाई इमिग्रेशन के तत्कालीन संचालकों शांतनु और बलजिंदर के खिलाफ इमिग्रेशन धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था।

    इस केस की जांच एएसआई आशीष प्रताप सिंह के पास थी। जांच के दौरान दोनों आरोपितों को पंजाब के डेराबस्सी से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के समय उनके कब्जे से एक कार, एक बाइक और नकदी बरामद हुई थी। शिकायत के अनुसार आरोपितों को थाना लाने के बाद बरामद वाहन और नकदी का पूरा विवरण पुलिस रिकार्ड में दर्ज नहीं किया गया।

    उनसे बरामद नकदी का भी दुरुपयोग किया गया। इतना ही नहीं, एएसआइ ने आरोपित के क्रेडिट और डेबिट कार्ड का इस्तेमाल अपने निजी खर्चों के लिए किया। कार्ड से एएसआइ ने निजी कार की सर्विस, खरीदारी और अन्य भुगतान किए।

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    ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर कराने का भी आरोप

    जांच के दौरान आरोपित शांतनु से ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर कराए गए। बाद में उसकी जानकारी के बिना वही चेक उसके खिलाफ शिकायत करने वाले व्यक्ति को सौंप दिए गए।

    शिकायतकर्ता ने उन चेकों का इस्तेमाल कर उन्हें बैंक में प्रस्तुत किया और चेक बाउंस होने के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। जिन चेकों पर हस्ताक्षर कराए गए, उन पर दर्ज तारीख उस समय की थी, जब संबंधित चेक बैंक से जारी भी नहीं हुए थे।

    जमानत के बाद खुला मामला

    जमानत पर रिहा होने के बाद शांतनु को पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली। इसके बाद उसने चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को विस्तृत शिकायत दी। प्रारंभिक जांच में आरोप गंभीर पाए जाने पर एएसआई आशीष प्रताप सिंह को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। सेक्टर-17 स्थित स्काई हाई इमिग्रेशन का संचालन पहले शांतनु करता था।

    बाद में उसने कुछ शर्तों के तहत कार्यालय का संचालन दूसरे पक्ष को सौंप दिया था। आरोप है कि बाद में उन्हीं शर्तों को लेकर दोनों पक्षों में विवाद पैदा हो गया। शांतनु का दावा है कि इसी विवाद के बाद उसके खिलाफ शिकायत कराई गई और पुलिस की मिलीभगत से उसके हस्ताक्षरित चेकों का दुरुपयोग किया गया।