बारिश होगी या नहीं, मौसम कब करवट लेगा? AI माॅडल से पूर्वानुमान लगाने की तैयारी; चंडीगढ़ में ट्रायल शुरू
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम के सटीक पूर्वानुमान के लिए एआई मॉडल का ट्रायल शुरू हो गया है। इससे बारिश, गर्मी और मौसम के बदलाव की जानकारी अधिक सट ...और पढ़ें

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम का पूर्वानुमान लगाने के लिए एआई माॅडल का ट्रायल शुरू।
HighLights
चंडीगढ़ में मौसम पूर्वानुमान के लिए एआई मॉडल का ट्रायल शुरू।
बारिश, गर्मी और मौसम बदलाव का सटीक अनुमान लगाएगा एआई।
किसानों और आम लोगों को मिलेगी बेहतर, तेज मौसम जानकारी।
मोहित पांडेय, चंडीगढ़। बारिश होगी या नहीं, गर्मी कितनी पड़ेगी और मौसम कब करवट लेगा... इन सवालों का जवाब अब आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से और अधिक सटीक मिल सकता है।
किसानों से लेकर आम लोगों तक, हर किसी की रोजमर्रा की जिंदगी पर मौसम का असर पड़ता है। ऐसे में मौसम के पूर्वानुमान को अधिक सटीक बनाने के लिए मौसम विभाग अब तकनीक का सहारा ले रहा है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम का पूर्वानुमान लगाने के लिए एआई माॅडल का ट्रायल शुरू किया गया है।
मौसम विभाग चंडीगढ़ केंद्र की ओर से एआई आधारित माॅडल की कार्यप्रणाली को परखा जा रहा है। इसके जरिए मौसम से जुड़े विभिन्न आंकड़ों का विश्लेषण कर पूर्वानुमान को और बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
फिलहाल यह पूरी प्रक्रिया परीक्षण के दौर में है। मौसम विभाग के अधिकारी यह समझने का प्रयास कर रहे हैं कि एआई माॅडल मौसम की अलग-अलग परिस्थितियों का पूर्वानुमान लगाने में कितना कारगर साबित होता है।
मौसम विभाग चंडीगढ़ केंद्र के मौसम वैज्ञानिक शिवेंद्र सिंह ने बताया कि एआई की मदद से मौसम का पूर्वानुमान लगाने को लेकर योजना तैयार की जा रही है। ट्रायल के परिणामों के आधार पर आगे की योजना तय की जाएगी।
आम लोगों को होगा फायदा
अगर एआई माॅडल का ट्रायल सफल रहता है और इसके परिणाम उम्मीद के मुताबिक आते हैं तो भविष्य में मौसम के पूर्वानुमान में इसका इस्तेमाल बढ़ाया जा सकता है। इससे मौसम की जानकारी पहले से अधिक तेजी और सटीकता के साथ उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
खबरें और भी
इसका सीधा फायदा आम लोगों के साथ किसानों, यात्रियों और मौसम पर निर्भर विभिन्न क्षेत्रों को मिल सकता है। हालांकि, फिलहाल एआइ माॅडल परीक्षण के चरण में है और इसके प्रभावी इस्तेमाल को लेकर आगे की योजना ट्रायल के परिणामों के बाद ही तय होगी।