32.67 करोड़ के बाउंस चेक मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, रियल एस्टेट कारोबारी प्रवीण व नीरज कंसल गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय ने चर्चित रियल एस्टेट समूह से जुड़े दो कारोबारियों को गिरफ्तार किया है। करोड़ों रुपये की देनदारियों, चेक बाउंस और कथित फंड डायवर्जन ...और पढ़ें

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HighLights
ईडी ने प्रवीण और नीरज कंसल को गिरफ्तार किया।
32.67 करोड़ के बाउंस चेक मामले में कार्रवाई।
मोहाली-जीरकपुर रियल एस्टेट में बढ़ी हलचल।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। मोहाली-जीरकपुर के चर्चित रियल एस्टेट कारोबारी प्रवीण कंसल और नीरज कंसल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों की गिरफ्तारी उस समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही ईडी ने पंजाब, चंडीगढ़ और जीरकपुर में रॉयल एस्टेट ग्रुप और उससे जुड़ी कंपनी एम/एस चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड (सीआरसीपीएल) के कई ठिकानों पर रेड की थी।
ईडी की टीम ने जीरकपुर स्थित कंपनी के हेड ऑफिस, डायरेक्टर्स के घरों और उनके करीबी लोगों से जुड़े परिसरों की तलाशी ली थी। इस दौरान एजेंसी को कई अहम डॉक्यूमेंट्स, डिजिटल डिवाइस, बैंक रिकॉर्ड और प्रॉपर्टी से जुड़े कागजात मिले थे। जांच एजेंसी अब इन दस्तावेजों के आधार पर मनी ट्रेल और फंड ट्रांसफर की पड़ताल कर रही है।
दरअसल, यह पूरा मामला मोहाली के कराला गांव में विकसित किए जा रहे रिहायशी प्रोजेक्ट से जुड़ा है। पंजाब पुलिस ने 19 जुलाई 2025 को एसएएस नगर में भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420 और 120-बी के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
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कंपनी ने नहीं किया गमाडा की देनदारियों का भुगतान
आरोप है कि कंपनी ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) की देनदारियों का भुगतान नहीं किया और 32.67 करोड़ रुपये के चेक जारी किए, जो बाद में बाउंस हो गए। मोहाली-जीरकपुर बेल्ट में पिछले कुछ वर्षों में रियल एस्टेट का कारोबार तेजी से बढ़ा था। रॉयल एस्टेट ग्रुप ने भी कई बड़े प्रोजेक्ट लॉन्च किए थे और निवेशकों को बेहतर रिटर्न व आधुनिक सुविधाओं का भरोसा दिया गया था।
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हालांकि समय के साथ कई प्रोजेक्ट्स में देरी शुरू हो गई और निवेशकों की शिकायतें बढ़ने लगीं। लोगों ने आरोप लगाया कि भुगतान लेने के बावजूद प्रोजेक्ट समय पर पूरे नहीं किए गए। ईडी की जांच में सामने आया कि कंपनी पर गमाडा की बड़ी देनदारियां बकाया थीं, जबकि प्रोजेक्ट से जुड़े फंड को कथित तौर पर दूसरी कंपनियों और करीबी पक्षों के जरिये डायवर्ट किया गया।
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प्रोजेक्ट की कीमत अलग-अलग कंपनियों में घूमी
एजेंसी को कई संदिग्ध इंटर-कंपनी ट्रांजैक्शन और फंड की लेयरिंग के संकेत भी मिले हैं। जांच के दौरान ईडी ने प्रवीण कंसल और नीरज कंसल के अलावा दलजीत सिंह, अनुराग मिधा, लियाकत अली, सुमित बंसल और अन्य संबंधित लोगों से जुड़े ठिकानों पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया। एजेंसी को शक है कि प्रोजेक्ट की रकम को अलग-अलग कंपनियों के जरिए घुमाया गया।
सूत्रों के मुताबिक ईडी अब गिरफ्तार कारोबारियों से पूछताछ कर रही है और आने वाले दिनों में कुछ प्रॉपर्टी अटैच करने की कार्रवाई भी हो सकती है। इस कार्रवाई के बाद मोहाली-जीरकपुर के रियल एस्टेट सेक्टर में हलचल तेज हो गई है, जबकि निवेशकों की चिंता भी बढ़ गई है।