विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

फर्जी सहमति पत्रों से मंजूरी का आरोप, मोहाली सनटेक सिटी मामले में IAS अधिकारी ईडी के रडार पर; कल होगी पूछताछ

Published: Mon, 17 Aug 2026 12:15 PM (IST)

ईडी ने सनटेक सिटी परियोजना की मंजूरियों और कथित फर्जी सहमति पत्रों की जांच में आईएएस कंवलप्रीत कौर बराड़ को 18 अगस्त को पूछताछ के लिए तलब किया है।

ये AI जनरेटेड इमेज है।

ये AI जनरेटेड इमेज है।

रोहित कुमार, चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मोहाली के सनटेक सिटी मेगा प्रोजेक्ट की जांच के सिलसिले में पंजाब कैडर की आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत कौर बराड़ को 18 अगस्त को तलब किया है। प्रोजेक्ट के लिए संशोधित सीएलयू (जमीन के इस्तेमाल में बदलाव) की मंजूरी और इससे जुड़े कथित मनी लांड्रिंग मामले की जांच के दौरान अधिकारी को समन भेजा गया है।

कंवलप्रीत कौर बराड़ वर्ष 2024 में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की निदेशक थीं। इसी अवधि में सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से संबंधित मंजूरियां दी गई थीं। ईडी की जांच में उन अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है, जो उस समय हाउसिंग विभाग में तैनात थे। सूत्रों के अनुसार, ईडी ने अधिकारी को ई-मेल के माध्यम से समन भेजकर 18 अगस्त को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है।

यह भी पढ़ें- सरकारी फैसलों को प्रभावित करने के आरोप पर FIR होगी! ED के पत्र से पंजाब में हलचल, DGP ने मांगी कानूनी राय

फर्जी सहमति पत्रों से मंजूरी लेने का आरोप

जांच एजेंसी की पड़ताल सनटेक सिटी मेगा प्रोजेक्ट के लिए सीएलयू की मंजूरी हासिल करने की प्रक्रिया से भी जुड़ी है। आरोप है कि प्रोजेक्ट के लिए जमीन मालिकों के जाली हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान वाले फर्जी सहमति पत्रों का इस्तेमाल किया गया। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर प्रोजेक्ट को मंजूरी दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की बात सामने आई है।

ईडी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किस स्तर पर हुआ और मंजूरी देने से पहले संबंधित विभागों की ओर से दस्तावेजों की किस तरह जांच की गई। जांच एजेंसी प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।

यह भी पढ़ें- सुबह पहले पाठ किया, बाद में कमरे में बंद कर खुद को मारी गोली; फिरोजपुर में 65 वर्षीय कारोबारी ने की आत्महत्या

2024 में टाउन प्लानिंग विभाग की निदेशक थीं

कंवलप्रीत कौर बराड़ वर्ष 2024 में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की निदेशक थीं। ईडी उनसे उस दौरान सनटेक सिटी प्रोजेक्ट को मिली मंजूरियों, सीएलयू की प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों के बारे में पूछताछ कर सकती है।

जांच एजेंसी यह भी जानना चाहती है कि मंजूरी के दौरान जमीन मालिकों की सहमति से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन किस स्तर पर किया गया था। मामले में आगे अन्य अधिकारियों और प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। ईडी की जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की तस्वीर स्पष्ट होगी।

यह भी पढ़ें- पंजाब के अबोहर में नशे ने छीना दो बच्चों के सिर से पिता का साया, प्रशासन के खिलाफ फूटा गुस्सा