यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 25, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Hockey Legend पद्मश्री बलबीर सिंह सीनियर का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
Hockey Legend Balbir Singh Senior Dead मशहूर हॉकी खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनियर का निधन हो गया है। गोल मशीन के नाम से मशहूर बलबीर सिंह ने सोमवार सुबह आखिर ...और पढ़ें

चंडीगढ़, जेएनएन। गोल मशीन के नाम से मशहूर हॉकी खिलाड़ी पदमश्री बलबीर सिंह सीनियर का आज सुबह निधन हो गया। डॉक्टरों की लाख कोशिशों के बाद भी उनको नहीं बचाया जा सका। सांस लेने में दिक्कत होने की शिकायत के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उनको 8 मई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सोमवार दोपहर तीन बजे बलबीर सिंह सीनियर का पार्थिव शरीर मोहाली के फोर्टिस अस्पताल से सेक्टर -36 स्थित उनके निवास स्थान पर लगाया गया। जहां परिवार के सदस्यों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए अरदास की। इसके बाद सेक्टर -25 स्थित श्मशानघाट में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके नाती कबीर सिंह ने अंतिम रस्में अदा की। कोरोना महामारी के चलते कनाडा में बलबीर सिंह सीनियर के तीन लड़कों में कोई भी उनकी अंतिम विदाई में शामिल नहीं हो सका। उनके निधन पर चंडीगढ़ के प्रशासक व पंजाब के राज्यपाल बीपी सिंह बदनौर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई लोगों ने शोक व्यक्त किया है।
बलबीर सिंह नाम पर रखा जाएगा मोहाली हॉकी स्टेडियम का नाम
मोहाली हॉकी स्टेडियम का नाम सरदार बलबीर सिंह सीनियर के नाम पर रखा जाएगा। इस बात की घोषणा पंजाब के खेल मंत्री गुरमीत सिंह सोढ़ी ने सेक्टर-25 के श्मशानघाट में उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए नम आंखों से दी। उन्होंने कहा कि बलबीर सिंह सीनियर न सिर्फ तीन बार ओलंपिक विजेता टीम के सदस्य थे, बल्कि उन्होंने अपना पूरा जीवन खेल को समर्पित किया है। वह भविष्य के खिलाड़ियों के लिए हमेशा प्ररेणास्त्रोत बने रहेंगे। उन्होंने मांग की कि बलबीर सिंह सीनियर को भारत रत्न दिया जाना चाहिए।
हर मैच जीतने वालेे बलबीर सिंह सीनियर हार गए सांसों की लड़ाई
उम्र ज्यादा होने की वजह से उनके इलाज में दिक्कत आ रही थी। डॉक्टरों की लाख कोशिशों के बावजूद सदी के इस महान खिलाड़ी ने सोमवार की सुबह 6.17 बजे दुनिया को अलविदा कह दिया। पदमश्री बलबीर सिंह सीनियर भारत के इकलौते ऐसे खिलाड़ी थे,जोकि तीन बार ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता टीम के सदस्य रहे थे।
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बलबीर सिंह सीनियर मौजूदा समय में 96 साल के थे और पिछले दो सालों से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था। 8 मई को उन्हें सांस में दिक्कत होने की वजह से मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इस दौरान उनके तमाम तरह के टेस्ट करवाए गए। उनका कोरोना टेस्ट भी किया गया था, जिसकी रिपोर्ट 10 मई को नेगिटिव आई थी। दो दिन बाद 12 मई को उन्हें कार्डियक अरेस्ट हो गया,जिससे वह वेंटिलेटर पर आ गए।
इसके बाद 14 मई को उन्हें फिर दो कार्डियक अरेस्ट हुए थे। इससे वह बेसुध हो गए थे। इसके बाद 16 मई को उनका एमआरआइ किया गया। इसमें उनके ब्रेन में एक ब्लड क्लॉट मिला था। डॉक्टरों का कहना था इसी ब्लड क्लॉट की वजह से वह बेसुध हैं। वेंटिलेटर के सहारे उनकी सांसें चल रही थी, लेकिन आज सुबह वह थम गई और इसके साथ ही वह उम्मीद भी खत्म हो गई कि चैंपियन बलबीर सिंह सीनियर इस बार भी बीमारी को हराकर मुस्कराते हुए घर आएंगे।
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