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    'लक्ष्मण रेखा का करें पालन', चरणजीत चन्नी को लेकर बोले प्रताप बाजवा; भूपेश बघेल के पंजाब दौरे पर भी दी प्रतिक्रिया

    Updated: Tue, 07 Jul 2026 04:31 PM (IST)

    पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह सुलझाने भूपेश बघेल चंडीगढ़ पहुंचे हैं, लेकिन चन्नी गुट ने दूरी बना ली है। नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि छोटे मत ...और पढ़ें

    चरणजीत चन्नी को लेकर क्या बोले प्रताप बाजवा। फाइल फोटो

    चरणजीत चन्नी को लेकर क्या बोले प्रताप बाजवा। फाइल फोटो

    HighLights

    1. भूपेश बघेल पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह सुलझाने चंडीगढ़ पहुंचे।

    2. चन्नी गुट ने भूपेश बघेल से दूरी बनाई, दिल्ली कूच की बात।

    3. प्रताप बाजवा ने एकजुटता पर जोर दिया, चन्नी को लक्ष्मण रेखा की सलाह।

    डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह को सुलझाने के लिए प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल चंडीगढ़ पहुंचे हैं। चन्नी गुट ने उनसे दूरी बना ली है और दिल्ली कूच की बात कही है। वहीं, भूपेश बघेल के दौरे को लेकर पंजाब विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

    उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य सभी नेताओं से मिलना, छोटे-मोटे मतभेदों को सुलझाना और आगामी चुनाव की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करना है। प्रताप बाजवा ने कहा कि अगर कोई छोटे-मोटे मतभेद हैं, तो उन्हें सुलझा लिया जाएगा और सभी एक साझा मंच पर एकजुट होंगे। इसके लिए हमें बातचीत के लिए एक साथ बैठना होगा।

    वहीं, पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को लेकर उन्होंने कहा कि वे किसी से भी मिल सकते हैं, लेकिन उन्हें लक्ष्मण रेखा का पालन करते हुए ही मिलना चाहिए। वे जानते हैं कि मामलों का समाधान वकील के कक्ष में नहीं हो सकता, जिससे अंततः मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच जाएगा। हर परिवार में छोटे-मोटे मतभेद होते हैं और उन्हें सुलझाया जा सकता है।

    बैठक से चन्नी और रंधावा ने बनाई दूरी

    बता दें कि गुटबाजी को शांत करने के लिए भूपेश बघेल लगातार कांग्रेस नेताओं के साथ मिल रहे हैं। मंगलवार को पंजाब कांग्रेस भवन में उन्होंने नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। बैठकों का सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा इस बैठक में शामिल नहीं हुए। दोनों फिलहाल दिल्ली में हैं।

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    बैठक में पंजाब कांग्रेस के तीनों वर्किंग प्रेसिडेंट, महासचिवों और संगठन के अन्य पदाधिकारियों से अलग-अलग बातचीत की गई। दोपहर बाद जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ भी बैठक प्रस्तावित रही, जिसमें संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और चुनावी रणनीति पर चर्चा की गई।