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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    चंडीगढ़ में 'आप' को मजबूत करने वाले प्रदीप छाबड़ा का निधन, लंबे समय से चल रहे थे बीमार

    Updated: Tue, 09 Jul 2024 11:54 AM (GMT+05:30)

    Chandigarh News चंडीगढ़ में आप के दिग्गज नेता और पूर्व चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा (Pradeeo Chhabra Death) का देहांत हो गया। वह लंबे समय से ...और पढ़ें

    चंडीगढ़ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व आप नेता प्रदीप छाबड़ा का देहांत (फाइल फोटो प्रदीप)
    चंडीगढ़ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व आप नेता प्रदीप छाबड़ा का देहांत (फाइल फोटो प्रदीप)

    HighLights

    1. चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी को मजबूत करने वाले छाबड़ा नहीं रहे
    2. कांग्रेस के अध्यक्ष और नगर निगम के मेयर भी रह चुके हैं छाबड़ा

    राजेश ढल्ल, चंडीगढ। आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता प्रदीप छाबड़ा का आज सुबह निधन हो गया। इस दुखद समाचार से पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रदीप छाबड़ा ने अपना राजनीतिक सफर कांग्रेस पार्टी से शुरू किया था, वह कांग्रेस में भी लंबे समय तक रहे हैं और इस समय आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता थे।

    चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी को मजबूत करने में छाबड़ा की एवं भूमिका रही है। तीन साल पहले वह कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे।

    10 साल तक रहे हैं पार्षद

    नगर निगम के पूर्व मेयर के अलावा वह 10 साल तक पार्षद रहे हैं। कांग्रेस में पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल के करीबी रहे लेकिन चार साल पहले जब उन्हें अध्यक्ष पद से हटाया गया तो वह बंसल के खिलाफ मोर्चा खोलकर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे।

    पूर्व मेयर प्रदीप छाबड़ा चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी के 6 सह प्रभारी भी रह चुके हैं। आम आदमी पार्टी में शामिल होने पर उन्होंने दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सामने यह शर्त रखी थी कि आम आदमी पार्टी नगर निगम का चुनाव लड़ेगी। जब छाबड़ा आम आदमी पार्टी में आए तो तभी पहली बार पार्टी ने तीन साल पहले नगर निगम का चुनाव लड़ा।

    गंभीर बीमारी से पीड़ित थे छाबड़ा

    प्रदीप छाबड़ा पिछले 2 साल से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। साल 2021 में हुए नगर निगम चुनाव में प्रदीप छाबड़ा के कारण ही आम आदमी पार्टी के सबसे ज्यादा पार्षद जीते थे।

    वह शहर में कई नेताओं के राजनीतिक गुरु भी है। प्रदीप छाबड़ा की दो बेटियां है। छाबड़ा की पीजीआई में इलाज के दौरान मौत हुई है। इस बार चंडीगढ़ लोकसभा सीट पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन करवाने में भी छाबड़ा की अहम भूमिका रही थी।

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    सन् 1990 से शहर की राजनीति में थे सक्रिय

    छाबड़ा यूटी क्रिकेट एसोसिएशन कब अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके साथ ही वह लंबे समय तक ऑल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट में भी काम कर चुके हैं।

    शहर के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले प्रदीप छाबड़ा सेक्टर 22 और 16 के पार्षद रह चुके हैं। पहले वह सेक्टर 22 में ही रहते थे इस समय वह सेक्टर 44 में रह रहे थे। प्रदीप छाबड़ा 1990 से शहर की राजनीति में सक्रिय थे।

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