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    मोहाली में एयरोट्रोपोलिस में जमीन के बदले जल्द मिलेंगे प्लॉट, गमाडा का फॉर्मूला तैयार; रिहायशी के साथ कॉमर्शियल का भी विकल्प

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 07:00 AM (GMT+05:30)

    गमाडा ने मोहाली में एयरोट्रोपोलिस परियोजना में अधिग्रहित जमीन के बदले प्लॉट देने के लिए दो मॉडल तैयार किए हैं। इन मॉडलों में आवासीय और कुछ श्रेणियों क ...और पढ़ें

    एयरोट्रोपोलिस परियोजना में अधिग्रहित जमीन के बदले प्लॉट देगा गमाडा।

    एयरोट्रोपोलिस परियोजना में अधिग्रहित जमीन के बदले प्लॉट देगा गमाडा।

    HighLights

    1. गमाडा ने जमीन के बदले प्लॉट के दो मॉडल बनाए।

    2. पाॅकेट ई से जे के लिए प्लाॅट साइज फ्रीज करने पर विचार।

    3. 2000 वर्ग गज तक के प्लॉटों का मुफ्त एकीकरण।

    अखिल वोहरा, मोहाली। एयरोट्रोपोलिस परियोजना में अधिग्रहित जमीन के बदले प्लॉट का फॉर्मूला ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथाॅरिटी (गमाडा) ने तैयार कर लिया है। इसके लिए दो मॉडल तैयार किए गए हैं। कुछ भूमि मालिकों को रिहायशी के साथ कॉमशियल प्लॉट भी मिल सकते हैं। 

    इस संबंध में मुख्य प्रशासक की अध्यक्षता में पुड्डा भवन, सेक्टर-62 में हुई उच्चस्तरीय बैठक में एयरोट्रोपोलिस के पाॅकेट ई से जे के लिए प्लाॅट साइज फ्रीज करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई है।

    पहले माॅडल में केवल रिहायशी प्लाट देने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें 200, 300 और 500 वर्ग गज के प्लाॅट्स का अलग अलग संयोजन बनाया गया है। प्रस्ताव के अनुसार एक कनाल जमीन के बदले 200 वर्ग गज का एक प्लाॅट, दो कनाल के बदले 200-200 वर्ग गज के दो प्लाॅट तथा तीन कनाल के बदले 300-300 वर्ग गज के दो प्लाॅट दिए जाएंगे।

    चार से आठ कनाल तक की जमीन के लिए भी 200, 300 और 500 वर्ग गज के प्लाॅट्स के अलग-अलग संयोजन प्रस्तावित किए गए हैं, ताकि हर श्रेणी के भूमि मालिक को उसकी पात्रता के अनुसार विकसित रिहायशी प्लाॅट मिल सके।

    दूसरा माॅडल भी तैयार किया गया, जिसमें कुछ श्रेणियों के भूमि मालिकों को रिहायशी प्लाॅट्स के साथ व्यावसायिक प्लाॅट देने का प्रस्ताव रखा गया है। इस माॅडल के तहत चार कनाल भूमि के बदले 300 और 200 वर्ग गज के दो रिहायशी प्लाॅट्स के साथ 100 वर्ग गज का एक कॉमर्शियल प्लाॅट देने का विकल्प रखा गया है।

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    छह कनाल के लिए 500, 200 और 200 वर्ग गज के रिहायशी प्लाटों के साथ 100 वर्ग गज का कमर्शियल प्लॉट, सात कनाल के लिए 500, 300 और 200 वर्ग गज के रिहायशी प्लाटों के साथ 100 वर्ग गज का कमर्शियल प्लाॅट तथा आठ कनाल के लिए 500 और 300 वर्ग गज के रिहायशी प्लाॅट्स के साथ 200 वर्ग गज का कॉमर्शियल प्लाॅट देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। कुछ श्रेणियों में स्पेशल एलओआई का भी प्रविधान रखा गया है।


    बता दें कि एयरोट्रोपोलिस परियोजना के लिए बड़ी संख्या में किसानों और अन्य भूमि मालिकों की जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है। अब उन्हें पुनर्वास नीति के तहत विकसित प्लाॅट दिए जाने हैं। अब तक यह स्पष्ट नहीं था कि अलग अलग श्रेणी की जमीन के बदले किस आकार और कितने प्लाॅट दिए जाएंगे।

    अब प्लाॅट साइज और उनके संयोजन को अंतिम रूप गमाडा की तरफ से दे दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि प्लाॅट साइज फ्रीज होने के बाद लेआउट प्लान, पुनर्वास प्रक्रिया और प्लॉट आवंटन की कार्रवाई में तेजी आएगी।

    2000 वर्ग गज तक प्लॉट्स जोड़ने की सुविधा

    जिन आवंटियों को एक से अधिक प्लाॅट मिलेंगे, वे 2000 वर्ग गज तक के प्लाॅट्स का अमलगमेशन (एकीकरण) बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के करा सकेंगे। इससे बड़े आकार का एकल प्लाट विकसित करने में सुविधा होगी।

    आठ गांवों के अवार्ड हो चुके हैं घोषित

    गमाडा ने 20 जुलाई को एयरोट्रोपोलिस परियोजना के तहत मटरां, बाकरपुर, सियाऊं, बड़ही, पट्टों, कुर्ड़ी, छत तथा किशनपुरा प्रभावित गांव की भूमि अधिग्रहण के अवार्ड घोषित किए थे। प्रति एकड़ 6.29 करोड़ से 8.29 करोड़ रुपये तक मुआवजा तय हुआ है।

    गमाडा के भूमि अधिग्रहण विभाग के कलेक्टर रोहित जिंदल ने बताया कि इस संबंध में दो माॅडल तैयार किए गए है। एक में केवल रिहायशी प्लाॅट देने का विकल्प है और दूसरे में रिहायशी के साथ कॉमर्शियल प्लाॅट की ऑप्शन है।