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    आप छोड़ भाजपा में शामिल हुई पार्षद की भाभी पहुंची जेल, फर्जी हाजिरी लगा वेतन लेने के मामले में गिरी गाज

    Updated: Thu, 15 Jan 2026 05:29 PM (GMT+05:30)

    पंजाब वाॅटर सप्लाई बोर्ड की आउटसोर्स क्लर्क कोमल शर्मा को फर्जी हाजिरी लगाकर वेतन लेने के आरोप में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। मोहाली मे ...और पढ़ें

    धोखाधड़ी तब सामने आई जब दिसंबर 2025 की हाजिरी रिपोर्ट समय पर हेड ऑफिस नहीं पहुंची।

    धोखाधड़ी तब सामने आई जब दिसंबर 2025 की हाजिरी रिपोर्ट समय पर हेड ऑफिस नहीं पहुंची।

    HighLights

    1. 14 दिन की न्यायिक हिरासत।

    2. 28 जनवरी को होगी पेशी

    3. दो दिन का रिमांड समाप्त होने के बाद 

    जागरण संवाददाता, मोहाली। पंजाब वाॅटर सप्लाई और सीवरेज बोर्ड में आउटसोर्स क्लर्क के रूप में तैनात कोमल शर्मा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उसे 28 जनवरी को अदालत में पेश किया जाएगा। आप छोड़ भाजपा ज्वॉइन करने वाली पार्षद सुमन की भाभी कोमल पर आरोप है कि ड्यूटी से अनुपस्थित रहते फर्जी हाजिरी लगाकर वेतन लिया।

    दो दिन का पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद मंगलवार सोहाना पुलिस ने कोमल को अदालत में पेश किया था। पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाने और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल के लिए अतिरिक्त रिमांड की मांग की थी। अदालत ने इस मांग को स्वीकार करते हुए एक दिन का और रिमांड मंजूर कर दिया था।

    चंडीगढ़ के मनीमाजरा निवासी कोमल शर्मा मोहाली के मोहाली के सेक्टर-76 स्थित बोर्ड के चेयरमैन के कैंप ऑफिस में तैनात थी। सोहाना पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से ड्यूटी पर नहीं आ रही थी, लेकिन उसकी हाजिरी नियमित रूप से दर्ज की जा रही थी। इसी आधार पर वह सरकारी खजाने से वेतन प्राप्त कर रही थी।

    यह धोखाधड़ी तब सामने आई जब दिसंबर 2025 की हाजिरी रिपोर्ट समय पर हेड ऑफिस नहीं पहुंची और विभागीय जांच शुरू की गई। कोमल शर्मा चंडीगढ़ के वार्ड नंबर 4 की काउंसलर सुमन शर्मा की रिश्तेदार हैं।

     सुमन शर्मा ने हाल ही में 25 दिसंबर को भाजपा ज्वाॅइन की थी। पुलिस ने कोमल शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) के तहत धोखाधड़ी और सरकारी फंडों के दुरुपयोग का मामला दर्ज किया है।

    कुछ नई धाराएं भी जोड़ी थी। इनमें 340(2) (कागजातों के साथ छेड़छाड़), 336(3) (कागजों के आधार पर धोखाधड़ी), 338 (जालसाजी करना) 336 (2), (डिजिटल दस्तावेज गायब करना) 318(4) गलत दस्तावेजों को सही बताना शामिल है।

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