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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Chandigarh Lok Sabha Seat: BJP और कांग्रेस के उम्‍मीदवारों पर सस्‍पेंस जारी, टिकट के इंतजार में बढ़ी दावेदारों की संख्‍या

    Updated: Sun, 17 Mar 2024 07:42 PM (GMT+05:30)

    Lok Sabha Election 2024 चंडीगढ़ लोकसभा सीट पर अभी तक उम्‍मीदवारों की घोषणा नहीं हुई है। डीगढ़ में इस समय कोई भी नेता अपनी टिकट की दावेदारी पक्की नहीं ...और पढ़ें

    चंडीगढ़ सीट पर अभी तक नहीं हुए उम्‍मीदवार घोषित
    चंडीगढ़ सीट पर अभी तक नहीं हुए उम्‍मीदवार घोषित

    डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। (Lok Sabha Election 2024) लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस की अभी तक घोषित उम्मीदवारों की सूची में चंडीगढ़ का नाम शामिल नहीं है। कांग्रेस से लेकर भाजपा नेता टिकट के लिए दिल्ली दरबार में दौड़ लगा रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार भाजपा में किसकी किस्मत खुलेगी इसका फैसला होने में अभी हफ्तेभर का समय लग सकता है। चंडीगढ़ में इस समय कोई भी नेता अपनी टिकट की दावेदारी पक्की नहीं मान रहा, सभी हाईकमान के रहमोकरम पर हैं।

    अधिकतर प्रदेश अध्‍यक्ष पा चुके मेयर की कुर्सी

    चंडीगढ़ से भाजपा में टिकट पाने वाले ज्यादातर राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी हैं, जिसमें अधिकतर प्रदेश अध्यक्ष या मेयर की कुर्सी पा चुके हैं। दो बार सांसद का चुनाव जीत चुकी किरण खेर ने बेशक फरवरी में रोज फेस्टिवल के मौके पर सार्वजनिक मंच से चुनाव नहीं लड़ने का संकेत दे दिया था, लेकिन उनकी दावेदारी में अभी दम माना जा रहा है। किरण की कार्यक्रमों में शिरकत ने पार्टी में ही विरोधियों की धड़कने बढ़ा दी हैं।

    भाजपा की हेमा मालिनी भी शामिल

    भाजपा की ओर से लगातार जीतने वाले सांसदों को फिर से मौका दिया जा रहा है, जिसमें सांसद और फिल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी भी शामिल हैं। किरण खेर का चंडीगढ़ से अधिक मुंबई में रहना वोटरों के गुस्से की रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व के पास पहुंच चुकी है, जो कि खेर के विपरीत जा सकती है। उधर, भाजपा में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन की दावेदारी भी मजबूत मानी जा रही है।

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    भाजपा में स्थानीय नेताओं में टिकट के लिए अधिक मारामारी

    पूर्व सांसद सत्यपाल जैन को भी केंद्र में भाजपा के बड़े नेताओं के साथ पुरानी नजदीकियों का लाभ मिल सकते हैं। कांग्रेस के मुकाबले भाजपा में स्थानीय नेताओं में टिकट के लिए अधिक मारामारी है। पूर्व मेयर रहे अनूप गुप्ता से लेकर देवेश मौदगिल और अरुण सूद भी दौड़ में शामिल हैं। भाजपा के लिए चंडीगढ़ की सीट पर उम्मीदवार का चयन थोड़ा मुश्किल माना जा रहा है। उम्मीद यहां तक है कि किसी फिल्मस्टार या नामी खिलाड़ी को भी चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है।

    कांग्रेस में टिकट के बंसल और तिवारी मजबूत दावेदार

    कुछ महीने पहले तक लोकसभा चुनाव से खुद को दूर बताने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार चुनावी दंगल में उतर चुके हैं। चंडीगढ़ में लोगों के बीच सबसे अधिक सक्रिय बंसल ही देखे जा रहे हैं। कांग्रेस की तरफ से फिलहाल पवन बंसल और मनीष तिवारी के बीच टिकट को लेकर कांटे का मुकाबला है।

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    कांग्रेस ने अभी तक लोकसभा उम्मीदवारों की लिस्ट में चंडीगढ़ का नाम शामिल नहीं किया है। उधर, कांग्रेस में कुछ युवा नेता भी टिकट पाने में बड़ा उलटफेर कर सकते हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एचएस लकी से लेकर लंबे समय से एनएसयूआइ और कांग्रेस के साथ जुड़े युवा नेता मनोज लुबाना और हरमेल केसरी जैसे नेताओं ने भी टिकट के लिए पूरा जोर लगा रखा है।