यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Punjab News: दोहरी योग्यता वाले से सौतेला व्यवहार क्यों? पढ़ें हाई कोर्ट ने किस मामले में की ये अहम टिप्पणी
Punjab News दो अलग-अलग योग्यता रखने वाले याचिकाकर्ता को 12वीं के अंकों को आधार मानकर नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर करने के मामले पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ...और पढ़ें

HighLights
- कांस्टेबल नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर करने को चुनौती देते हुए दाखिल की गई थी याचिका।
- भर्ती पूरी होने के चलते पदों से छेड़छाड़ न कर, अन्य रिक्त पद पर नियुक्ति का दिया आदेश।
- दो समान योग्यताओं की स्थिति में बेहतर अंकों वाली पर किया जाना चाहिए गौर।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। बारहवीं व इंजीनियरिंग डिप्लोमा दो योग्यता रखने वाले याचिकाकर्ता को 12वीं के अंकों को आधार बनाकर नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर करने पर पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट (Punjab Haryana High Court) ने पंजाब सरकार (Punjab News) को जमकर फटकार लगाई। हाई कोर्ट ने कहा कि दोहरी योग्यता वालों के साथ कैसे सौतेला व्यवहार किया जा सकता है।
आर्मड फोर्स में कांस्टेबल की नियुक्ति प्रक्रिया की थी शुरू
हमारे अनुसार वे ज्यादा योग्य व बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। इन टिप्पणियों के साथ ही हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कांस्टेबल के तौर पर नियुक्त करने का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए बठिंडा (Bathinda) निवासी गगनदीप सिंह ने एडवोकेट विकास चतरथ के माध्यम से हाई कोर्ट को बताया था कि पंजाब सरकार ने आर्मड फोर्स में कांस्टेबल नियुक्ति की प्रक्रिया आरंभ की थी।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा-याचिकाकर्ता
निर्धारित योग्यता बारहवीं या समकक्ष थी। याची ने भर्ती में आवेदन किया और उसे चयन सूची में भी शामिल कर लिया गया। जब दस्तावेजों की जांच हुई तो पंजाब सरकार ने उसके 12वीं कक्षा के अंकों को आधार मानते हुए उसे द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण मान 12 अंक दिए। याची ने कहा कि उसके पास इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा है।
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जो 12वीं के समकक्ष है। उसमें वह प्रथम श्रेणी में पास हुआ है और ऐसे में उसे डिप्लोमा के आधार पर 13 अंक दिए जाने चाहिए थे। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि जब समकक्ष योग्यता मांगी गई है तो ऐसे में जिसमें ज्यादा अंक हैं उसे ध्यान में रखा जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि जिन मामलों में लोगों के पास 12वीं नहीं थी और केवल डिप्लोमा था।
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उन्हें पूर्ण अंक दिए गए हैं तो दोहरी योग्याता वालों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि दोहरी योग्यता वाले उम्मीदवार बेहतर विकल्प और अधिक योग्य साबित होते हैं। ऐसे में हाई कोर्ट ने अब पंजाब सरकार को आदेश दिया है कि पुरानी भर्ती से छेड़छाड़ न की जाए लेकिन कांस्टेबल के रिक्त पदों में से एक याची को दिया जाए। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने लंबित याचिका का निपटारा कर दिया।