सांसद की क्यों नहीं सुनते चंडीगढ़ के अफसर? केंद्र सरकार तक पहुंचा मामला; नगर निगम आयुक्त से मांगा जवाब
सांसद मनीष तिवारी की शिकायत पर केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ नगर निगम आयुक्त से जवाब मांगा है। तिवारी ने आरोप लगाया था कि 15 महीनों में उनके 40 से अधिक पत्र ...और पढ़ें

सांसद के 15 महीनों में भेजे गए किसी भी पत्र का विस्तृत जवाब नहीं मिला।
HighLights
सांसद मनीष तिवारी ने केंद्र सरकार से शिकायत की।
15 महीनों में 40 से अधिक पत्रों का जवाब नहीं।
केंद्रीय कार्मिक विभाग ने प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। सांसद मनीष तिवारी द्वारा नगर निगम के अधिकारियों को भेजे गए पत्रों की पावती और जवाब न मिलने का मामला अब केंद्र सरकार तक पहुंच गया है।
केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने सांसद की शिकायत को चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव के पास उचित कार्रवाई के लिए भेजा है। इसके बाद चंडीगढ़ प्रशासन के कार्मिक विभाग ने नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार से मामले में जल्द टिप्पणियां और स्पष्टीकरण मांगा है।
सांसद मनीष तिवारी ने एक अक्टूबर 2025 को केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर शिकायत की थी कि उन्होंने चंडीगढ़ के लोगों से जुड़े मुद्दों, शिकायतों और सुझावों से संबंधित कई पत्र नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार और अन्य अधिकारियों को भेजे थे।
सांसद का आरोप है कि पिछले 15 महीनों में भेजे गए किसी भी पत्र की पावती नहीं दी गई और न ही विस्तृत जवाब मिला। उन्होंने डीओपीटी के 13 सितंबर 2022 के कार्यालय ज्ञापन का हवाला देते हुए कहा कि सांसदों के पत्रों की 15 दिनों के भीतर पावती दी जानी चाहिए।
केंद्र के आदेश के बाद, डीओपीटी के अवर सचिव रुपेश कुमार ने चार जून 2026 को चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर उचित कार्रवाई करने को कहा।
इसके बाद चंडीगढ़ प्रशासन के कार्मिक विभाग ने नौ जुलाई 2026 को नगर निगम कमिश्नर को पत्र भेजकर जल्द टिप्पणियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सांसद ने केंद्र से मांग की है कि नगर निगम के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं ताकि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लिया जा सके।