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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Mukhtar Ansari: जब पंजाब से आठ बार बैरंग लौटी थी यूपी पुलिस, रूपनगर जेल में दो साल किस जुर्म में बंद था मुख्तार?

    Updated: Fri, 29 Mar 2024 10:29 AM (IST)

    Mukhtar Ansari यूपी की बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की गुरुवार देर रात मौत हो गई। मुख्तार की तबीयत बिगड़ने के चलते उसे अस्पताल में भर्ती कर ...और पढ़ें

    रूपनगर जेल में दो साल किस जुर्म में बंद था मुख्तार?
    रूपनगर जेल में दो साल किस जुर्म में बंद था मुख्तार?

    HighLights

    1. पंजाब से मुख्तार को नहीं ले जा पाई थी यूपी पुलिस
    2. मुख्तार अंसारी दो वर्ष, ढाई माह पंजाब की रूपनगर जेल में रहा
    3. खातिरदारी पर खर्च हुए थे 55 लाख रुपये

    जागरण संवाददाता, मोहाली। Mukhtar Ansari: रूपनगर की जेल में दो वर्ष ढाई माह बंद रहे मुख्तार अंसारी को लेने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस आठ बार पंजाब पहुंची थी, लेकिन उसे हर बार खाली हाथ वापस जाना पड़ा था। एक बिल्डर की शिकायत पर मुख्तार के खिलाफ मोहाली के थाना मटौर में आठ जनवरी, 2019 को फिरौती मांगने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। 21 जनवरी को पंजाब पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छह अप्रैल, 2021 को उसे उत्तर प्रदेश पुलिस को सौंपा गया था।

    जेल नंबर 16 और मुख्तार अंसारी

    मुख्तार अंसारी को रूपनगर जेल की बैरक नंबर 16 में रखा गया था। उस समय पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी और कैप्टन अमरिंदर मुख्यमंत्री थे। सुखजिंदर सिंह रंधावा जेल मंत्री थे। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी अंसारी को विशेष सुविधाएं देने का मुद्दा बेहद गर्म रहा था।

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    यह भी आरोप लगा था कि अंसारी के कांग्रेस नेताओं से संबंध थे। फर्जी केस बनाकर उसे पंजाब की जेल में रखा गया और उसकी खातिरदारी पर करीब 55 लाख रुपये खर्च हुए थे। अदालत में उसका केस लड़ने के लिए भी सरकार ने लाखों रुपये खर्च किए। 2022 में जब आम आदमी पार्टी सत्ता में आई तो अंसारी को लेकर पंजाब विधानसभा में भी जमकर हंगामा हुआ था।

    जेल मंत्री पर लगे थे आरोप

    उस समय जेल मंत्री हरजोत बैंस ने कांग्रेस सरकार में जेल मंत्री रहे सुखजिंदर रंधावा के खिलाफ मोर्चा खोला था। उन्होंने अंसारी को जेल में विशेष सुविधाएं देने का आरोप लगाया था। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया था कि कांग्रेस सरकार में माफिया की आवभगत की जाती थी। यह भी कहा था कि यह पैसे कांग्रेस सरकार के तत्कालीन मंत्री से वसूले जाएंगे।

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