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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Punjab News: लॉरेंस के जेल में इंटरव्‍यू को लेकर नहीं मिले कोई सबूत, SIT ने सौंपी रिपोर्ट; सात महीने पहले शुरू हुई थी जांच

    By Rohit KumarEdited By: Himani Sharma
    Updated: Thu, 14 Dec 2023 11:34 AM (IST)

    Sidhu Moosewala Murder Case के आरोपित गैंगस्‍टर लॉरेंस बिश्नोई के जेल के अंदी से टीवी इंटरव्‍यू मामले में एसआइटी ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है। जांच रिपो ...और पढ़ें

    लॉरेंस की जेल में इंटरव्‍यू को लेकर नहीं मिले कोई सबूत (फाइल फोटो)
    लॉरेंस की जेल में इंटरव्‍यू को लेकर नहीं मिले कोई सबूत (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. मामले में करीब सात महीने एसआइटी का गठन किया गया था।
    2. लॉरेंस सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी शमिल है।
    3. एसआइटी ने अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपी है।

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) के कथित तौर पर पंजाब की बठिंडा जेल के अंदर से दो बैक-टू-बैक टीवी इंटरव्यू मामले की जांच को लेकर सरकार की ओर से गठित की गई स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि लॉरेंस का इंटरव्यू पंजाब की जेल में हुआ हो।

    बता दें कि इस मामले में करीब सात महीने एसआइटी का गठन किया गया था। इसी साल बीती 14 और 17 मार्च को दो टीवी इंटरव्यू सामने आए थे। जिस को लेकर विपक्ष की ओर से भी सवाल उठाए गए थे। लॉरेंस सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड (Sidhu Moosewala Murder Case) में भी शमिल है।

    एसआइटी ने मुख्‍य सचिव को सौंपी रिपोर्ट

    जानकारी के मुताबिक एसआइटी ने अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपी है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि यह बताने के लिए कोई निर्णायक सबूत नहीं है कि जब इंटरव्यू रिकॉर्ड किए गए तो बिश्नोई पंजाब जेल में था। गौरतलब है कि बिश्नोई और उसके गैंगस्टर दोस्त जग्गू भगवानपुरिया की ओर से बीते दिनों मनसा अदालत में याचिका दायर की थी कि उन का सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से कोई लेना देना नहीं है। मामले में आरोपमुक्त करने की मांग की थी।

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    बिश्नोई और गोल्‍डी बरार हैं हत्‍याकांड के मुख्‍य आरोपित

    विशेष डीजीपी (एसटीएफ) कुलदीप सिंह और एडीजीपी-सह-निदेशक (जेल) अरुण पाल सिंह की अध्यक्षता वाली एक टीम की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट पंजाब और हरियाणा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की संभावना है, जिसने जांच पूरी करने में देरी पर सवाल उठाया था। मूसेवाला हत्याकांड में बिश्नोई की कथित संलिप्तता के बारे में पता चला। बिश्नोई और उसका सहयोगी गोल्डी बरार हत्याकांड के मुख्य आरोपी हैं।

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    एसआईटी अधिकारियों ने लगभग 90 अधिकारियों से की थी पूछताछ

    मूसेवाला (Sidhu Moosewala) की हत्या के दो घंटे के भीतर, बराड़ और बिश्नोई ने, एक अन्य आरोपी सचिन थापन के साथ इंटरनेट मीडिया पोस्ट और मीडिया चैनलों को असडियो साक्षात्कार के माध्यम से हत्या की जिम्मेदारी ली। मामले में बिश्नोई को गिरफ्तार किया गया था, जबकि राज्य ने केंद्र के माध्यम से कनाडा से बराड़ के प्रत्यर्पण की मांग की थी।

    रिपोर्ट की सामग्री गोपनीय है लेकिन यह विश्वसनीय रूप से पता चला है कि जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि साक्षात्कार किसी भी पंजाब जेल में नहीं शूट किए गए थे, विशेष रूप से बठिंडा जहां बिश्नोई बंद थे जब साक्षात्कार प्रसारित किए गए थे एसआईटी अधिकारियों ने लगभग 90 अधिकारियों से पूछताछ की थी।

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    राज्य पुलिस और जेल जांच के दौरान विभाग बठिंडा जेल का दौरा करने के अलावा, उन्होंने खरड़ और मनसा के पुलिस स्टेशनों और अन्य स्थानों का भी दौरा किया जहां बिश्नोई को पूछताछ के लिए लाया गया था। एसआईटी ने बिश्नोई और साक्षात्कार आयोजित करने वाले पत्रकार से साक्षात्कार के स्थान और तरीके के बारे में भी पूछताछ की।