फाजिल्का नगर परिषद चुनाव का रास्ता साफ, हाई कोर्ट का आदेश, 7 दिन में बैठक बुलाई जाए
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने फाजिल्का नगर परिषद के नव-निर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव के लिए सात दिन में बैठक बुलाने के न ...और पढ़ें

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HighLights
हाई कोर्ट ने फाजिल्का नगर परिषद चुनाव का रास्ता साफ किया।
पंजाब सरकार को 7 दिन में बैठक बुलाने का निर्देश।
शपथ ग्रहण और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव एक साथ होंगे।
ज्य ब्यूराे, चंडीगढ़। फाजिल्का नगर परिषद में लंबे समय से लंबित शपथ ग्रहण और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव का रास्ता अब साफ हो गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने भाजपा पार्षदों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार को सात दिनों के भीतर आवश्यक बैठक बुलाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि नव-निर्वाचित पार्षदों का शपथ ग्रहण कराने के साथ-साथ नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव भी इसी बैठक में कराया जाए।
यह मामला उस समय अदालत पहुंचा था जब भाजपा के नव-निर्वाचित पार्षदों ने आरोप लगाया कि चुनाव परिणाम आने के बावजूद शपथ ग्रहण और नगर परिषद के गठन की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी की जा रही है। इसके चलते नगर परिषद का नियमित कामकाज भी प्रभावित हो रहा था। इसी को लेकर पार्षदों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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सरकार को 7 दिन में कार्रवाई का आदेश
मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाया। अदालत ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि सात दिनों के भीतर बैठक बुलाकर सभी नव-निर्वाचित पार्षदों का शपथ ग्रहण कराया जाए। इसके बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया भी पूरी की जाए।
अदालत ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का गठन समय पर होना आवश्यक है और निर्वाचित प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों से लंबे समय तक वंचित नहीं रखा जा सकता।
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पर्यवेक्षक की निगरानी में होगी पूरी प्रक्रिया
हाई कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया है। अदालत ने आदेश दिया कि संपूर्ण प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक आधिकारिक पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाए। पर्यवेक्षक की मौजूदगी में शपथ ग्रहण से लेकर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव तक की सभी औपचारिकताएं पूरी कराई जाएंगी।
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अदालत का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह कानून के अनुरूप हो और किसी भी पक्ष को निष्पक्षता पर सवाल उठाने का अवसर न मिले।हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद अब फाजिल्का नगर परिषद में प्रशासनिक और विकास संबंधी कार्यों को गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होने के बाद परिषद का नियमित संचालन शुरू हो सकेगा और विभिन्न विकास योजनाओं पर भी तेजी से काम आगे बढ़ सकेगा।