Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    पं. नेहरू का ड्रीम प्रोजेक्ट और देश की पहली प्लान्ड सिटी, दिलचस्प है 'चंडीगढ़' के बनने की कहानी

    Updated: Fri, 09 Jan 2026 02:51 PM (GMT+05:30)

    चंडीगढ़ को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भारत की पहली प्लान्ड शहर के रूप में स्थापित किया था। ले कॉर्बूसियर द्वारा डिज़ाइन किया गया, इसे 'द सिटी ब्यूटीफुल' ...और पढ़ें

    दिलचस्प है चंडीगढ़ के बनने का सफर

    दिलचस्प है चंडीगढ़ के बनने का सफर

    HighLights

    1. चंडीगढ़ भारत का पहला प्लान्ड शहर, नेहरू का ड्रीम प्रोजेक्ट

    2. ले कॉर्बूसियर ने 'द सिटी ब्यूटीफुल' का मास्टर प्लान बनाया

    3. अब हिमाचल में 'हिम चंडीगढ़' बनाने की तैयारी

    डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़ हिमाचल प्रदेश में देश का 'तीसरा चंडीगढ़' बनने जा रहा है, जिसे 'हिम चंडीगढ़' के नाम से जाना जाएगा। इससे पहले इस नाम से केंद्र शासित प्रदेश 'चंडीगढ़' और पंजाब के मोहाली जिले में विकसित किया गए स्मार्ट सिटी 'न्यू चंडीगढ़' बनाए जा चुके हैं। इन तीनों शहरों को बनाने का उद्देश्य लोगों को हाईटेक और वर्ल्ड क्लास सुविधाएं देना है। 

    लेकिन इस आर्टिकल में हम दूसरे और तीसरे चंडीगढ़ की नहीं, बल्कि पहले चंडीगढ़ की बात करेंगे। क्या आपको पता है कि आखिर इस शहर की नींव किसने और क्यों रखी थी। क्या आप जानते हैं चंडीगढ़ देश की पहली प्लान्ड सिटी है, जिसकी नींव पंडित जवाहर लाल नेहरू ने आजादी के कुछ सालों बाद रखी थी। आइए इस शहर के बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं।

    पहला 'चंडीगढ़' कैसे बसाया गया था?

    केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को 'द सिटी ब्यूटीफुल' के रूप में जाना जाता है। इसे बसाने और डिजाइन करने की प्रक्रिया काफी दिलचस्प है। जानकारी के अनुसार, 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद अविभाजित पंजाब की राजधानी लाहौर पाकिस्तान में चली गई। इसके बाद भारतीय पंजाब को एक नई राजधानी की जरूरत थी। ऐसे में शिमला को अस्थायी राजधानी बनाया गया था, लेकिन मैदानी इलाकों में एक हाईटेक शहर बसाने का भी फैसला लिया गया।

    पं. जवाहर लाल नेहरू की भूमिका

    इसके बाद प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने चंडीगढ़ को बसाने का फैसला लिया। नेहरू चाहते थे कि चंडीगढ़ पुराने रीति-रिवाजों से मुक्त, भविष्य के प्रति भारत के विश्वास का प्रतीक और एक प्रगतिशील आधुनिक शहर बने। फिर उन्होंने 1952 में इस हाईटेक शहर की आधारशिला रखी।

    खबरें और भी

    मास्टर प्लान किसने तैयार किया?

    चंडीगढ़ का मास्टर प्लान प्रसिद्ध स्विस-फ्रांसीसी वास्तुकार ले कॉर्बूसियर ने तैयार किया था। ले कॉर्बूसियर से पहले, अमेरिकी योजनाकार अल्बर्टमेयर और पोलिश वास्तुकार मैथ्यूनोविकी ने शुरुआती नक्शा बनाया था। हालांकि, नोविकी की आकस्मिक मृत्यु के बाद, यह काम ले कॉर्बूसियर को सौंपा गया। कॉर्बूसियर के साथ पियरेजेनेरेटजेनड्रू और मैक्सवेलफ्राई जैसे अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और पी.एल. वर्मा जैसे भारतीय इंजीनियरों की टीम ने काम किया

    शहर की खास डिजाइन

    चंडीगढ़ को एक 'मानव शरीर' की अवधारणा पर डिजाइन किया गया है। जिसमें सिर, कैपिटल कॉम्प्लेक्स (सेक्टर 1), जहां विधानसभा, सचिवालय और उच्च न्यायालय स्थित हैं। दिल, सिटी सेंटर (सेक्टर 17), जो शहर का मुख्य व्यावसायिक केंद्र है। फेफड़े, शहर के बगीचे और खुले हरित क्षेत्र (जैसे रोज गार्डन)। धमनियां, सड़कों का 7-स्तरीय जाल (7Vs), जो यातायात को सुगम बनाता है।

    शहर को आयताकार सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर (800x1200 मीटर) को इस तरह डिजाइन किया गया कि निवासी अपनी दैनिक जरूरतें पैदल चलकर पूरी कर सकें। यह अपनी वास्तुकला के लिए एक UNESCO विश्व धरोहर स्थल भी है।

    जगह का चयन

    शहर के लिए शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में एक समतल मैदानी इलाके को चुना गया। इसका नाम पास ही स्थित 'चंडी मंदिर' (चंडी + गढ़ यानी देवी चंडी का किला) के नाम पर रखा गया।

    WhatsApp Image 2026-01-09 at 3.10.36 PM

    चंडीगढ़, न्यू चंडीगढ़ और हिम चंडीगढ़ में अंतर? 

    1. चंडीगढ़: यह मुख्य शहर है जिसे "द सिटी ब्यूटीफुल" कहा जाता है। यह एक केंद्र शासित प्रदेश है और भारत की केंद्र सरकार द्वारा शासित है। यह पूरी तरह से प्लांड शहर है। यहां सेक्टर 1 से लेकर सेक्टर 63 तक के क्षेत्र आते हैं। यह पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों की राजधानी भी है।

    2. न्यू चंडीगढ़: यह चंडीगढ़ के पास पंजाब के मोहाली जिले में विकसित किया गया एक नया स्मार्टसिटी है। यह पंजाब सरकार के अधीन आता है और इसका विकास ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण (GMADA) द्वारा किया जाता है। यह चंडीगढ़ के सेक्टर 11 और पीजीआई (PGI) के पास मुल्लांपुर क्षेत्र में स्थित है। यहां हाईटेक रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट्स, ओमेक्स, डीएलएफ और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम (मुल्लांपुर) स्थित हैं।

    3. हिम चंडीगढ़: इसे हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चंडीगढ़ के पास विकसित किया जाएगा, जिसका जिम्मा हिमाचल प्रदेश शहरी विकास प्राधिकरण (HIMUDA) को सौंपा गया है। चंडीगढ़ से इसकी दूरी महज 30 किलोमीटर होगी। हिमाचल प्रदेश सरकार ने चंडीगढ़ के पास अपनी खुद की टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई है, ताकि हिमाचल के लोग चंडीगढ़ के निकट आधुनिक सुविधाओं के साथ रह सकें।

    'हिम चंडीगढ़' के लिए 20 हजार बीघा जमीन का चयन

    हिमाचल सरकार ने 'हिम चंडीगढ़' को बनाने के लिए शीतलपुर (जिला-सोलन) में 20 हजार बीघा जमीन का चयन भी कर लिया गया है। इसके लिए राज्य सरकार ने 3400 बीघा जमीन आवास विभाग के नाम कर दी है। इसके अतिरिक्त 3700 बीघा जमीन भविष्य में विभाग को सौंप दी जाएगी।

    नए शहर की मास्टर प्लानिंग और डिजाइन के लिए शीघ्र ही कंसल्टेंट नियुक्त किया जाएगा। 30 दिसंबर 2025 को हुई कैबिनेट बैठक में इस परियोजना को मंजूरी भी मिल चुकी है।

    WhatsApp Image 2026-01-09 at 3.10.35 PM

    'हिम चंडीगढ़' बनने से क्या फायदे होंगे?

    हिमाचल सरकार की दावा है कि प्रदेश के युवा शिक्षा, नौकरी और रोजगार के लिए पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। हिम चंडीगढ़ के अस्तित्व में आने से पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और रियल एस्टेट सेक्टर को नई रफ्तार मिलेगी। यह नया शहर चंडीगढ़ से केवल 30 किलोमीटर की दूरी पर होगा, जिससे हिमाचल के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए ज्यादा भटकना नहीं पड़ेगा। 

    इसे बद्दीचंडीगढ़ रेल लाइन से जोड़ने का प्रस्ताव भी है, जिससे हिमाचल, चंडीगढ़ और पंजाब के बीच आवाजाही और सुगम होगा। इससे पलायन करने वाले युवा हिम चंडीगढ़ में रुककर बेहतर संभावनाओं की तलाश करेंगे।

    WhatsApp Image 2026-01-09 at 3.10.36 PM (1)

    पहले भी बसाया जा चुका है 'नया शहर'

    हिमाचल सरकार पहली बार कोई नया शहर नहीं बसाने जा रही है। इससे चार दशक पहले राजधानी शिमला के साथ लगते क्षेत्र में 'न्यू शिमला' नाम से एक शहर बसाया गया था। उसके बाद हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) की ओर से जिला मुख्यालयों के आसपास निरंतर आवासीय कालोनियां बसाने का कार्य चल रहा है।

    ठीक इसी तर्ज पर 'तीसरा चंडीगढ़' भी बनाया जा रहा है, जिसमें बेहतर कनेक्टिविटी, रोजगार के नए अवसर और आधुनिक शहरी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

    ग्रामीणों ने जताई आपत्ति

    हालांकि, बद्दी क्षेत्र की मलपुर और संडोली पंचायतों के ग्रामीणों ने प्रस्तावित न्यू टाउनशिप को लेकर विरोध शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि टाउनशिप के लिए चिह्नित की गई भूमि में बड़ी मात्रा में कृषि और निजी जमीन शामिल है।

    उनका आरोप है कि इससे उनकी आजीविका पर असर पड़ेगा और क्षेत्र की ग्रीन बेल्ट समाप्त हो जाएगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो वे आंदोलन और कानूनी रास्ता अपनाएंगे।