Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    PGI में कैंटीन माफिया बेलगाम, तय कीमत से महंगे दाम पर बेच रहे खाने-पीने का सामान, मरीजों और तीमारदारों पर मार

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 12:48 PM (IST)

    पीजीआई चंडीगढ़ की न्यू ओपीडी कैंटीन में मरीजों और तीमारदारों से खाने-पीने के सामान पर तय कीमत से ज्यादा वसूली की जा रही है। कैंटीन संचालक टेंडर नियमों ...और पढ़ें

    मरीजों और तीमारदारों की मजबूरी का फायदा उठा रहे कैंटीन संचालक।

    मरीजों और तीमारदारों की मजबूरी का फायदा उठा रहे कैंटीन संचालक।

    HighLights

    1. पीजीआई कैंटीन में खाने-पीने के सामान पर अतिरिक्त वसूली।

    2. टेंडर नियमों का उल्लंघन कर बेचे जा रहे हैं खाद्य पदार्थ।

    3. मरीजों और तीमारदारों की मजबूरी का फायदा उठा रहे संचालक।


    मोहित पांडेय, चंडीगढ़। पीजीआई की न्यू ओपीडी में कैंटीन माफिया बेलगाम है। कैंटीन संचालक की ओर से हर दूसरे खाद्य पदार्थ पर लोगों से अतिरिक्त वसूली की जा रही है।

    इसके साथ ही टेंडर के नियमों के विपरीत खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे हैं, जो नियमों के अनुरूप नहीं है। दैनिक जागरण की पड़ताल में सामने आया कि कैंटीन संचालक सैंडविच, डोसा, परांठा और थाली समेत कई खाद्य पदार्थों पर निर्धारित दर से अधिक पैसे वसूल रहा है।

    कैंटीन संचालक टेंडर की शर्तों का खुलेआम उल्लंघन कर रहा है। जिन खाद्य पदार्थों को टेंडर के तहत निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराया जाना है, उनमें से कई वस्तुएं कैंटीन में मिल ही नहीं रही हैं। समोसा, पैटी, ब्रेड पकोड़ा, बेसन बर्फी, गुलाब जामुन, चना-कुलचा, मठ्ठी, दूध, बर्गर और हाट डाग जैसी वस्तुएं सूची में शामिल होने के बावजूद उपलब्ध नहीं हैं।

    इन वस्तुओं में कम मुनाफा होने के कारण संचालक इन्हें बेचने से बच रहा है। इतना ही नहीं, टेंडर में सांभर-वड़ा और इडली की कीमत 40 रुपये निर्धारित है, लेकिन उनकी जगह डोसा बेचा जा रहा है, जिसके लिए 80 रुपये वसूले जा रहे हैं। इसी प्रकार टेंडर के अनुसार थाली की कीमत 60 रुपये तय है, जबकि कैंटीन में वही थाली 80 रुपये में बेची जा रही है।

    पीजीआई की न्यू ओपीडी में रोजाना हजारों मरीज और तीमारदार पहुंचते हैं। ऐसे में कैंटीन में हो रही मनमानी का सीधा असर मरीजों की जेब पर पड़ रहा है। अस्पताल आने वाले लोगों को कहना है कि पहले ही बीमारी के चलते परेशानी में अस्पताल आते हैं।

    खबरें और भी

    कई बार पैसे न होने के कारण उधार लेकर आना पड़ता है। आमतौर पर खाली पेट बहुत सारे टेस्ट करवाने होते हैं। लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए कैंटीन संचालक जेब पर डाका डाल रहे हैं।

    अतिक्रमण कर चल रही जूस की दुकान

    न्यू ओपीडी कैंटीन के साथ ही अतिक्रमण कर जूस का स्टाल भी संचालित किया जा रहा है। टेंडर की शर्तों के अनुसार ठेकेदार केवल पैक्ड जूस ही बेच सकता है, लेकिन यहां ताजा जूस तैयार कर बेचा जा रहा है।

    अधिक मुनाफा कमाने के लिए नियमों को दरकिनार किया जा रहा है। मरीजों और तीमारदारों ने पीजीआई प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और कैंटीन में टेंडर की शर्तों के अनुसार खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की मांग की है।

    पीजीआई के डिप्टी डायरेक्टर पंकज राय से इस बारे में बात की तो उनका जवाब था कि नियमों के अनुसार कैंटीन संचालक पर उचित कार्रवाई की जाएगी।