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    PGIMER के ROTTO North ने रचा इतिहास, अंगदान की जगा रहा अलख; लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 06:15 PM (IST)

    पीजीआईएमईआर के रोट्टो नाॅर्थ को लगातार तीसरी बार सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। यह सम्मान अंगदाता प ...और पढ़ें

    पीजीआईएमईआर की ओर से निदेशक प्रो. विवेक लाल अवॉर्ड हासिल करते हुए।

    पीजीआईएमईआर की ओर से निदेशक प्रो. विवेक लाल अवॉर्ड हासिल करते हुए।

    HighLights

    1. रोट्टो नॉर्थ ने लगातार तीन साल पुरस्कार जीतकर हैट्रिक बनाई।

    2. यह सम्मान अंगदाता परिवारों और स्वास्थ्यकर्मियों को समर्पित।

    3. संस्थान अंगदान जागरूकता और समन्वय में निभा रहा अहम भूमिका।

    जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। किसी अपने को खोने का दर्द परिवार के लिए कभी न भूलने वाला होता है, लेकिन ऐसे मुश्किल समय में अंगदान का फैसला किसी दूसरे परिवार के लिए जिंदगी की नई उम्मीद बन सकता है।

    इसी मुहिम को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) के रोट्टो नाॅर्थ ने देशभर में फिर अपनी पहचान बनाई है।

    रोट्टो नाॅर्थ को लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ रीजनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन (रोट्टो) का पुरस्कार मिला है। यह सम्मान मिलने के साथ ही संस्थान ने लगातार तीन साल पुरस्कार जीतकर हैट्रिक बनाई है और अब तक कुल चार बार यह राष्ट्रीय सम्मान अपने नाम किया है।

    नई दिल्ली के डाॅ. भीमराव आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित 16वें भारतीय अंगदान दिवस समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने यह पुरस्कार प्रदान किया।

    पीजीआईएमईआर की ओर से निदेशक प्रो. विवेक लाल ने सम्मान प्राप्त किया। प्रो. विवेक लाल ने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने पुरस्कार को उन परिवारों को समर्पित किया, जिन्होंने अपनों को खोने के बाद भी अंगदान का साहसिक फैसला लेकर कई लोगों को नया जीवन दिया।

    उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के योगदान को भी सराहा। बता दे कि वर्ष 2015 में रोट्टो नार्थ के रूप में नामित पीजीआइ पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और चंडीगढ़ समेत जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में अंगदान को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है। संस्था जागरूकता, प्रशिक्षण और अस्पतालों के बीच समन्वय के जरिए मृतक अंगदान की मुहिम को मजबूत कर रही है। वर्ष 2019 और फिर 2023, 2024 व 2025 में राष्ट्रीय सम्मान मिलना इसकी उपलब्धियों को दर्शाता है।