PM मोदी का चंडीगढ़ दौरा कल, विकास परियोजनाओं के साथ वर्षों से लंबित मुद्दों पर क्या होगा बड़ा एलान?; शहरवासियों को आस
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 जुलाई को चंडीगढ़ में 6614 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे। शहरवासियों को उम्मीद है कि उनके वर्षों से ल ...और पढ़ें

HighLights
2021 में चंडीगढ़ आए थे, कैंसर अस्पताल का किया था उद्घाटन।
अब 6614 करोड़ के विकास कार्यों का उद्घाटन-शिलान्यास होगा।
ट्राईसिटी समेत दूसरे राज्यों के लोगों को भी होगा फायदा।
राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का चंडीगढ़ से पुराना नाता है और वे एक बार फिर शुक्रवार को आ रहे हैं। वे 6614 करोड़ रुपये की 10 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास करेंगे।
सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास क्षेत्र से जुड़ी इन परियोजनाओं से ट्राईसिटी को मजबूती मिलेगी। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों से लोगों को फायदा मिलेगा। इसके साथ ही चंडीगढ़वासियों को वर्षों से लंबित मुद्दों पर कोई बड़ा एलान होने की आस है।
व्यापारी, उद्योगपति, कर्मचारी, हाउसिंग बोर्ड निवासी, पुनर्वास काॅलोनियों के लोग, गांवों के निवासी, युवा और शिक्षाविद सभी को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान उनके मुद्दों पर भी कोई सकारात्मक घोषणा या पहल हो सकती है।
शहर में ऐसे कई मुद्दे हैं जो 15 से 20 वर्षों से समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। व्यापारी लीज होल्ड संपत्तियों को फ्रीहोल्ड करने, हाउसिंग बोर्ड के निवासी अपने घरों में जरूरत के अनुसार किए गए निर्माण को नियमित कराने तो कर्मचारी 17 वर्षों से लंबित हाउसिंग स्कीम का इंतजार है। बुजुर्ग, विधवा महिलाएं लंबे समय से पंजाब व हरियाणा की तर्ज पर पेंशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण यहां के अधिकांश बड़े फैसले गृह मंत्रालय की मंजूरी से जुड़े हैं। प्रशासन की ओर से भी अधिकतर मुद्दों को सुलझाने की फाइल गृह मंत्रालय को भेजी हुई है। सांसद मनीष तिवारी भी लोकसभा में लंबित मुद्दों को उठा चुके हैं।
चंडीगढ़ के यह मुद्दे हैं लंबित
- लीजहोल्ड को फ्रीहोल्ड : ताकि निवेश और बैंक ऋण लेने में सुविधा हो।
- शेयर-वाइज प्राॅपर्टी रजिस्ट्रेशन: हजारों परिवार प्रभावित हैं।
- हाउसिंग बोर्ड मकानों का रेगुलराइजेशन: करीब 68 हजार सीएचबी मकानों में जरूरत के अनुसार किए गए निर्माण को दिल्ली की तर्ज पर एकमुश्त नियमित किया जा सके।
- पुनर्वास काॅलोनियों को मालिकाना हक: 35 हजार मकानों में रहने वाले हजारों परिवार दशकों से मालिकाना हक की मांग कर रहे हैं। 40 हजार से अधिक ईडब्ल्यूएस मकानों में रहने वाले परिवार भी मालिकाना अधिकार की मांग कर रहे हैं।
- कर्मचारी हाउसिंग स्कीम: करीब 3950 कर्मचारी परिवार 16 वर्षों से अपने फ्लैट का इंतजार कर रहे हैं।
- डोमिसाइल नीति: चंडीगढ़ के युवाओं को स्थानीय होने के बावजूद सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता नहीं मिलती।
- लाल डोरे का विस्तार: 22 गांवों में लाल डोरे के बाहर बने निर्माण को नियमित करने और सीमा बढ़ाने की मांग।
इन प्रोजेक्ट्स का करेंगे उद्घाटन
- पीजीआइएमईआर में 505 करोड़ रुपये की लागत से बने एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर तथा 440 करोड़ रुपये के एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर का उद्घाटन।
- 1,936 करोड़ रुपये की लागत से तैयार आईटी सिटी चौक से कुराली-चंडीगढ़ रोड तक छह लेन सड़क राष्ट्र को समर्पित होगा। जिससे मोहाली और आसपास के क्षेत्रों में यातायात काफी सुगम होगा।
- सरकारी काॅलेज सेक्टर-46 के नए हाॅस्टल ब्लाॅक और पंजाब इंजीनियरिंग काॅलेज के कुरुक्षेत्र बाॅयज हाॅस्टल एवं मेस का उद्घाटन
- धनास में बने 240 पुलिस आवास भी पुलिस विभाग को समर्पित किया जाएगा।
इनका प्रोजेक्ट्स का होगा शिलान्यास
- एयरोसिटी रोड से रामगढ़ तक जीरकपुर बाईपास, अंबाला-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग-205 से पीआर-7 रोड
- पंजाब इंजीनियरिंग काॅलेज का रिसर्च स्कालर्स हाॅस्टल तथा पीजीआइएमईआर का 150 बेड का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर हाॅस्पिटल ब्लाॅक। इन पर करीब 3,612 करोड़ खर्च किए जाएंगे।