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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab News: बर्खास्त AIG राजजीत को भगौड़ा करार करने की तैयारी, छह महीने से चल रहा है फरार; प्रॉपर्टी सीज करने के आदेश जारी

Updated: Sat, 02 Mar 2024 03:09 PM (IST)

Punjab News बर्खास्त एआइजी राजजीत को भगौड़ा करार करने की तैयारी चल रही है। बीते दिनों आरोपित की प्रॉपर्टी सीज करने के आदेश जारी किए गए। इसी के साथ आरो ...और पढ़ें

बर्खास्त AIG राजजीत को भगौड़ा करार करने की तैयारी (फाइल फोटो)
बर्खास्त AIG राजजीत को भगौड़ा करार करने की तैयारी (फाइल फोटो)

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब पुलिस से बर्खास्त एआइजी राजजीत को भगौड़ा करार करने की तैयारी कर ली गई है। स्पेशल टास्क फोर्स की ओर से इस मामले में कोर्ट में रिपोर्ट दी जाएगी कि राजजीत पिछले छह महीने से फरार है।

कोर्ट की ओर से उसे जांच में सहयोग करने के लिए कहा गया था लेकिन वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा। बीती 6 फरवरी को राजजीत के खिलाफ एक नया लुक आउट नोटिस भी जारी किया गया था।

प्रॉपर्टी सीज करने के आदेश जारी

बीते दिनों आरोपित की प्रॉपर्टी सीज करने के आदेश जारी किए गए। इसी के साथ आरोपी राजजीत और उसकी पत्नी के वे दो से तीन बैंक खाते भी फ्रीज किए गए हैं, जिनसे करोड़ों रुपये की ट्रांजेक्शन हुई हैं। एसटीएफ ने आरोपी राजजीत की कुल 20 करोड़ रुपये की प्रापर्टी सीज करते हुए अपने कब्जे में ली है।

विदेश भाग चुका है राजजीत

उधर जानकारी के अनुसार राजजीत सिंह विदेश भाग चुका है। विजिलेंस का मानना है कि राजजीत इस समय कनाडा में है। विजिलेंस ने एनआईए को यह इनपुट देकर मदद भी मांगी है। वर्ष 2017 में राजजीत के साथी इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह को ड्रग्स तस्करी और हथियारों से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था।

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मार्च 2023 में दर्ज हुआ था केस

आरोपी के घर से तलाशी के दौरान एके-47, 4 किलो हेरोइन, 3 किलो स्मैक का नशा और अन्य देसी हथियार बरामद किए गए थे। राजजीत सिंह पर आरोपी बर्खास्त इंस्पेक्टर की मदद करने, ड्रग रिकवरी से छेड़छाड़, सबूत मिटाने को लेकर मार्च 2023 में केस दर्ज किया गया था। यहां तक कि आरोपी इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह और एआईजी राजजीत सिंह वर्ष 2012 से 2017 तक गुरदासपुर, तरनतारन, मोगा और जालंधर में एक साथ तैनात रहे।

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आरोपी राजजीत अपने साथी इंस्पेक्टर को अपनी पोस्टिंग की जगह तैनात करवा लेता था। इस मामले में बीते साल अक्टूबर में वह जांच में शामिल होने के लिए पहुंचा था लेकिन तब से अब तक फरार है।