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बघेल की विदाई के पीछे क्या थी वजह? जानें क्यों हुई पंजाब कांग्रेस बचाने के लिए सचिन पायलट की एंट्री

Published: Sun, 06 Sep 2026 12:26 PM (IST)

कांग्रेस ने पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को जिम्मेदारी दी है। भूपेश को बदलने का एक कारण उनका राज्य में विरोध बताया जा रहा है।

कांग्रेस के सीनियर नेता सचिन पायलट और  भूपेश बघेल।

कांग्रेस के सीनियर नेता सचिन पायलट और भूपेश बघेल।

HighLights

  1. सचिन पायलट बने पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी।

  2. चन्नी और वड़िंग गुटों में गुटबाजी खत्म करना लक्ष्य।

  3. आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एकता जरूरी।

डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव की दहलीज पर खड़ी कांग्रेस ने बड़ा सियासी दांव खेलते हुए भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को राज्य की कमान सौंपी है। एक तरफ आम आदमी पार्टी और भाजपा चुनावी बिसात बिछा चुकी हैं, वहीं कांग्रेस की नैया अपनों की ही गुटबाजी में डगमगा रही है।

राहुल गांधी की आगामी पंजाब यात्रा से ठीक पहले पायलट की यह एंट्री सिर्फ एक संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि चन्नी और वड़िंग खेमों की जंग को विराम देकर पार्टी को एकजुट करने का हाईकमान का 'मास्टरस्ट्रोक' माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राजस्थान के सियासी घमासान का अनुभव रखने वाले पायलट पंजाब कांग्रेस के इस बिखरे कुनबे को समेटकर चुनाव में जीत की पटरी पर कैसे लाते हैं।

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1 जुलाई से हुई गुटबाजी की शुरुआत

गुटबाजी की शुरुआत एक जुलाई को कांग्रेस हाईकमान के उस फैसले के बाद तेज हुई, जिसमें अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए रखने और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त करने का निर्णय लिया गया था। चन्नी समर्थक नेताओं के एक धड़े ने वड़िंग को हटाने की मांग की। साथ ही चन्नी को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने की मांग भी उठती रही है।

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राज्य में बघेल का विरोध, पोस्टर भी लगे

भूपेश बघेल के हालिया पंजाब दौरों के बावजूद दोनों खेमों के बीच मतभेद कम नहीं हुए। 31 जुलाई से आठ अगस्त तक चले हर बूथ, कांग्रेस मजबूत अभियान के दौरान कई जगह चन्नी के समर्थन में नारे लगे। कुछ कार्यक्रमों में चन्नी और वड़िंग समर्थकों के बीच तीखी बहस भी हुई।

बघेल के खिलाफ भी विरोध देखने को मिला। मुक्तसर में उनके विरोध में पोस्टर लगाए गए और लुधियाना के एक कार्यक्रम में कुछ लोग उनके विरोध वाले नारे लिखी टी-शर्ट पहने नजर आए। स्थिति तब और गरमा गई जब वड़िंग ने प्रदर्शनकारियों को आरएसएस का एजेंट बताया।

राहुल के आने से कार्यकर्ताओं में दिखेगा उत्साह

पिछले महीने कांग्रेस के 15 विधायकों ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर उनसे मुलाकात का समय मांगा था। अब पार्टी को उम्मीद है कि प्रस्तावित राहुल गांधी की बस यात्रा से कार्यकर्ताओं में उत्साह आएगा और नेताओं के बीच एकता का संदेश जाएगा। यात्रा की संभावित तारीख 15 सितंबर बताई गई थी।

संगठनात्मक मामलों का अनुभव रखने वाले सचिन पायलट के लिए अब चन्नी और वड़िंग खेमों को साथ लाना और एकजुट चुनाव अभियान सुनिश्चित करना प्राथमिक चुनौती होगी।

पंजाब कांग्रेस में कलह और कमान में बदलाव 

  • 1 जुलाई को वड़िंग को अध्यक्ष बनाए रखने और चन्नी को चुनाव अभियान समिति की कमान मिलने पर गुटबाजी भड़की।

  • 31 जुलाई – 8 अगस्त के बीच 'हर बूथ, कांग्रेस मजबूत' अभियान में चन्नी और वड़िंग समर्थकों के बीच तीखी बहस व नारेबाजी हुई।

  • अगस्त माह में अभियान के दौरान प्रभारी भूपेश बघेल का विरोध हुआ; मुक्तसर में पोस्टर लगे और लुधियाना में विरोधी टी-शर्ट पहनी गई।

  • अगस्त अंत में 15 विधायकों ने विवाद सुलझाने के लिए राहुल गांधी को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा।

  • 5 सितंबर को पंजाब कांग्रेस ने भूपेश बघेल को बदल कर पंजाब की कमान सचिन पायलट के हाथों में दी। 

(इनपुट- पीटीआई)

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