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परगट-पायलट की नई जोड़ी आज दिल्ली में, राहुल-प्रियंका के सामने पेश होगा 2027 का प्लान

Published: Mon, 05 Oct 2026 10:14 AM (IST)

परगट सिंह और प्रभारी सचिन पायलट आज दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मिलेंगे। इस बैठक में राहुल गांधी ...और पढ़ें

राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद परगट सिंह की पहली बड़ी परीक्षा।

राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद परगट सिंह की पहली बड़ी परीक्षा।

HighLights

  1. परगट सिंह और सचिन पायलट दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से मिलेंगे

  2. 2027 विधानसभा चुनावों के लिए पंजाब कांग्रेस की रणनीति पर चर्चा

  3. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के सामने पेश होगा प्लान

डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक बदलाव के बाद आज का दिन पार्टी के लिए बेहद अहम है। नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह और पंजाब प्रभारी सचिन पायलट पहली बार एक साथ कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के सामने होंगे।

नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्षों, प्रभारियों और संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक होने जा रही है। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत शीर्ष नेता मौजूद रहेंगे।

पंजाब के लिहाज से इस बैठक का महत्व इसलिए और बढ़ गया है, क्योंकि महज दो दिन पहले ही अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। वड़िंग के इस्तीफे के बाद पार्टी ने अब नेतृत्व का नया समीकरण तैयार किया है।

परगट सिंह रविवार को वेणुगोपाल से भी मुलाकात कर चुके हैं, जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा हुई। अब नजर इस बात पर है कि आज राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के सामने पंजाब को लेकर हाईकमान क्या दिशा तय करता है।

राहुल-प्रियंका के सामने तय होगी चुनावी दिशा

सबसे बड़ा सवाल 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति का होगा। पार्टी के सामने आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाने के साथ अपने नेताओं के बीच चल रही पुरानी खींचतान को खत्म करने की चुनौती है।

परगट सिंह ने पद संभालने के बाद एकजुटता और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया है।

राहुल के पंजाब दौरे पर भी बन सकती है रणनीति

बैठक में राहुल गांधी के प्रस्तावित पंजाब दौरे को लेकर भी चर्चा अहम रहेगी। प्रदेश अध्यक्ष बदलने के बाद छह अक्टूबर को चंडीगढ़ में परगट सिंह के पदभार संभालने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।

इसे लेकर भी बैठक में फैसला हो सकता है, इसके बाद राहुल गांधी के पंजाब दौरे को लेकर कार्यक्रम और राजनीतिक संदेश पर फैसला हो सकता है।

राजनीतिक तौर पर देखें तो यह बैठक केवल संगठनात्मक समीक्षा तक सीमित नहीं है। पायलट की रिपोर्ट के बाद वड़िंग की विदाई और परगट की ताजपोशी ने पंजाब कांग्रेस में नई शुरुआत का मंच तैयार कर दिया है।

अब हाईकमान की असली परीक्षा इस बात की है कि नए अध्यक्ष को सभी गुटों को साथ लेकर चलने की कितनी स्पष्ट राजनीतिक दिशा मिलती है।

परगट सिंह की चुनौती भी बड़ी है

पंजाब कांग्रेस के नए प्रधान को अब चन्नी, वड़िंग और अन्य वरिष्ठ नेताओं के बीच संतुलन बनाते हुए संगठन को चुनावी मोड में लाना होगा। वहीं पायलट के सामने नई टीम के साथ सामंजस्य बनाकर कांग्रेस को गुटबाजी से निकालकर सीधे चुनावी मुकाबले में खड़ा करने की जिम्मेदारी है।

आज होने वाली बैठक इसलिए 2027 के लिए पंजाब कांग्रेस की नई राजनीतिक पटकथा और तैयारी को लेकर पहली बड़ी परीक्षा मानी जा रही है। फैसला सिर्फ यह नहीं होगा कि चुनाव कैसे लड़ना है, बल्कि यह भी संकेत मिलेगा कि कांग्रेस पंजाब में किस चेहरे, किस रणनीति और किस सामूहिक नेतृत्व के साथ आगे बढ़ेगी। ऐसे में अब सभी की नजर आज की बैठक पर रहेगी।

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