पंजाब कांग्रेस में 'ऑल इज वेल', दिल्ली में सीक्रेट मीटिंग के बाद बाद एकजुट दिखे चन्नी, रंधावा और राजा वड़िंग
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चली आ रही खींचतान के बीच दिल्ली में प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग, पूर्व सीएम चन्नी और सांसद रंधावा की अहम बैठक हुई। ...और पढ़ें

चरणजीत सिंह चन्नी और राजा वड़िंग (जागरण फाइल)
HighLights
पंजाब कांग्रेस में सुलह के लिए दिल्ली में अहम बैठक हुई
राजा वड़िंग, चन्नी और रंधावा ने मिलकर की चर्चा
लंबे समय से चली आ रही खींचतान खत्म करने की कोशिश
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में पिछले कई महीनों से चली आ रही खींचतान के बीच दिल्ली में हुई एक अहम बैठक ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा दिल्ली में एक साथ बैठे। पार्टी के भीतर इस मुलाकात को सिर्फ औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि लंबे समय से जमी बर्फ पिघलने की शुरुआत माना जा रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि कुछ समय पहले तक चन्नी और वड़िंग के रिश्तों में तल्खी खुलकर सामने आ चुकी थी। चन्नी ने इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो भी साझा किया था, जिसमें एक व्यंग्यात्मक गीत के जरिए अपनी नाराजगी का संदेश दिया गया था। उस वीडियो की राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा हुई थी और इसे कांग्रेस के अंदरूनी मतभेद का खुला संकेत माना गया था। ऐसे में अब दोनों नेताओं का एक साथ बैठना अपने आप में बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
संवाद की शुरुआत अत्यंत महत्वपूर्ण
पार्टी सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के आवास पर हुई बैठक में पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व और संगठन की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों का दावा है कि चन्नी और रंधावा ने वड़िंग के सामने यह राय रखी कि यदि संगठन को मजबूत करना है तो नेतृत्व में बदलाव पर भी विचार किया जाना चाहिए। हालांकि, बैठक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची, लेकिन संवाद की शुरुआत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में हुई बैठक
बताया जाता है कि पिछले सप्ताह कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में हुई बैठक में भी पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व का मुद्दा उठा था। वहीं अब दिल्ली में लगातार हो रही बैठकों ने यह संकेत दिया है कि केंद्रीय नेतृत्व विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब इकाई में सभी नेताओं को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम कर रहा है।
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इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल दो दिवसीय दौरे पर चंडीगढ़ पहुंचे हुए हैं। वह प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं। बघेल का यह दौरा केवल संगठनात्मक समीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रहे मतभेदों को कम करने और चुनाव से पहले एकजुटता का संदेश देने की कोशिश भी है।
दिल्ली की बैठक और चंडीगढ़ में चल रही राजनीतिक गतिविधियों ने संकेत दे दिया है कि पंजाब कांग्रेस में आने वाले दिनों में संगठन को लेकर बड़े फैसले हो सकते हैं। सबसे बड़ा संदेश यही माना जा रहा है कि लंबे समय से अलग-अलग सुर में बोल रहे नेता अब बातचीत की मेज पर लौटते दिखाई दे रहे हैं।