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    पंजाब फार्मेसी परीक्षा विवाद पर हरजोत बैंस ने तोड़ी चुप्पी, कहा- पेपर लीक नहीं नकल थी, जरूरत पड़ी तो पद छोड़ दूंगा

    Updated: Sun, 26 Jul 2026 02:33 PM (IST)

    फार्मेसी परीक्षा विवाद पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि पेपर लीक नहीं, नकल हुई थी। जरूरत पड़ने पर इस्तीफा देने की बात दोहराई। ...और पढ़ें

    HighLights

    1. फार्मेसी परीक्षा में पेपर लीक नहीं, केवल नकल का मामला था।

    2. शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने पद छोड़ने की बात दोहराई।

    3. पंजाब की शिक्षा संबंधी कई उपलब्धियां भी गिनाईं उन्होंने।

    डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। फार्मेसी परीक्षा विवाद को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगातार उठ रही इस्तीफे की मांग के बीच पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ी है। इंटरनेट मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने परीक्षा विवाद, अपने इस्तीफे की मांग और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी।

    उन्होंने साफ कहा कि फार्मेसी परीक्षा में पेपर लीक नहीं हुआ था, बल्कि नकल का मामला सामने आया था, जिसमें आरोपितों को रंगे हाथों पकड़ा गया और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की।

    वीडियो संदेश की शुरुआत करते हुए बैंस ने देशभर के युवाओं को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद चल रहे आंदोलन की सफलता पर शुभकामनाएं दीं। इसके बाद उन्होंने पंजाब में चल रहे विवाद पर अपना पक्ष रखा।

    हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि फार्मेसी परीक्षा को लेकर जिस तरह पेपर लीक की बात कही जा रही है, वह सही नहीं है। उनके अनुसार यह नकल का मामला था और संबंधित लोगों को मौके पर ही पकड़ लिया गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की है।

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    यह मेरा विभाग नहीं

    शिक्षा मंत्री ने कहा कि संबंधित परीक्षा उनके विभाग के अधीन नहीं थी, लेकिन कैबिनेट की सामूहिक जिम्मेदारी के तहत उन्होंने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की। उन्होंने कहा कि वह उन गिने-चुने मौजूदा शिक्षा मंत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने छात्रों के प्रदर्शन में स्वयं भाग लिया और उनकी बात सुनी।

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    उन्होंने अपने पुराने बयान को दोहराते हुए कहा कि यदि उनके इस्तीफे से शिक्षा व्यवस्था में सुधार आ सकता है तो वह किसी भी समय पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि आज भी वह अपनी इसी बात पर कायम हैं और पद से अधिक शिक्षा व्यवस्था को महत्व देते हैं।

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    शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियां भी गिनाईं

    वीडियो संदेश में हरजोत सिंह बैंस ने राज्य सरकार की शिक्षा संबंधी उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि पंजाब प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में 27वें स्थान से आगे बढ़कर देश में पहले स्थान पर पहुंचा है।

    उन्होंने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य बना है, जहां पहली से बारहवीं कक्षा तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता को मुख्य विषय के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा दो हजार से अधिक सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया जा चुका है और शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार के लिए कई नई पहल की गई हैं।

    पंजाब को बदनाम नहीं होने दूंगा

    शिक्षा मंत्री ने अपने संदेश के अंत में कहा कि वह किसी भी कीमत पर पंजाब की छवि को खराब नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा उनके लिए केवल विभाग नहीं, बल्कि जुनून है। राज्य के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है और आगे भी शिक्षा सुधारों की प्रक्रिया जारी रहेगी।

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