पंजाब के सरकारी स्कूलों में मिलेगी करियर का सही दिशा, राज्यभर में शुरू होगा काउंसलिंग फ्रेमवर्क व हेल्पलाइन
सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को करियर चुनने में मदद के लिए राज्यव्यापी काउंसलिंग फ्रेमवर्क लागू किया जाएगा। इसमें हेल्पलाइन, प्रशिक्षित अध्यापक, जि ...और पढ़ें

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HighLights
सरकारी स्कूलों में छात्रों के लिए करियर काउंसलिंग फ्रेमवर्क।
सोमवार से शनिवार तक संचालित होगी केंद्रीय हेल्पलाइन।
साइकोमेट्रिक असेसमेंट से छात्रों की क्षमता का आकलन।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। 10वीं ओर 12वीं के बाद आगे की पढ़ाई, स्किल कोर्स या रोजगार के विकल्प चुनने को लेकर स्टूडेंट्स में अकसर असमंजस की स्थिति रहती है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने सरकारी हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के स्टूडेंट्स के लिए राज्यव्यापी करियर काउंसलिंग फ्रेमवर्क लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है।
इसका मुख्य उद्देश्य स्टूडेंट्स को सही समय पर करियर संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराना और पढ़ाई से रोजगार तक की यात्रा को आसान बनाना है। स्कूल शिक्षा विभाग इस परियोजना को हाइब्रिड माडल के तहत लागू करेगा। इसके तहत स्कूल स्तर पर प्रशिक्षित अध्यापकों के माध्यम से प्राथमिक काउंसलिंग, जिला स्तर पर आमने-सामने काउंसलिंग सेवाएं और स्कूल समय के बाद उपलब्ध केंद्रीकृत हेल्पलाइन के जरिए विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया जाएगा।
पूरी व्यवस्था को डिजिटल तकनीक और साइकोमेट्रिक असेसमेंट जैसे आधुनिक उपकरणों से जोड़ा जाएगा ताकि विद्यार्थियों की रुचि और क्षमता के अनुसार सलाह दी जा सके।परियोजना को लागू करने के लिए शिक्षा विभाग एक विशेषज्ञ एजेंसी की नियुक्ति करेगा।
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सप्ताह में 6 दिन काउंसलिंग हेल्पलाइन चलेगी
स्टूडेंट्स को घर बैठे सलाह उपलब्ध कराने के लिए एक केंद्रीय करियर काउंसलिंग हेल्पलाइन भी स्थापित की जाएगी। हेल्पलाइन सोमवार से शनिवार तक दोपहर दो बजे से रात आठ बजे तक संचालित होगी। इसके लिए चार से छह योग्य काउंसलरों की टीम नियुक्त की जाएगी। जरूरत पड़ने पर काउंसलरों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी।
हेल्पलाइन के माध्यम से विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान किया जाएगा और जटिल मामलों को विशेषज्ञों के पास भेजा जाएगा।स्कूल स्तर पर प्रत्येक सरकारी स्कूल में कम से कम दो अध्यापकों को स्कूल काउंसलिंग कोऑर्डिनेटर बनाया जाएगा। इन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर विद्यार्थियों के लिए पहला संपर्क बिंदु तैयार किया जाएगा।
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काउंसलर पूल तैयार होगा
ये अध्यापक करियर विकल्पों, उच्च शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार संबंधी बुनियादी जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाएंगे। यह एजेंसी मानव संसाधन की तैनाती, काउंसलिंग ढांचा विकसित करने, डिजिटल सिस्टम तैयार करने, स्कूल स्तर पर प्रशिक्षण देने और सेवाओं के संचालन की जिम्मेदारी संभालेगी।
योजना के तहत राज्य के प्रत्येक जिले में कम से कम एक समर्पित काउंसलर तैनात किया जाएगा। इसके अलावा दो से तीन अतिरिक्त काउंसलरों का पूल भी रखा जाएगा ताकि किसी जिले में अधिक मांग होने या किसी कारण से रिक्ति पैदा होने पर सेवाएं प्रभावित न हों। जिला काउंसलर स्टूडेंट्स को सीधे मार्गदर्शन देने के साथ-साथ स्कूलों का नियमित दौरा भी करेंगे।
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ओपन काउंसलिंग सेशन भी आयोजित होंगे
जिला स्तर पर सप्ताह में एक दिन, शनिवार या रविवार को, सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक ओपन काउंसलिंग सेशन आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा काउंसलर विभिन्न ब्लॉकों और स्कूलों का दौरा कर विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेंगे। इसके लिए प्रत्येक जिले में मासिक कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।योजना का अहम हिस्सा साइकोमेट्रिक असेसमेंट होगा।
वैज्ञानिक तरीके से तैयार इन परीक्षणों के जरिए विद्यार्थियों की योग्यता, रुचि और स्वाभाविक क्षमताओं का आकलन किया जाएगा। परीक्षण मुख्य रूप से डिजिटल माध्यम से होंगे और सात कार्यदिवस के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जाएगी।
यह सुविधा पंजाबी, गुरुमुखी लिपि और अंग्रेजी में उपलब्ध होगी।पूरी व्यवस्था को एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़ा जाएगा, जहां विद्यार्थियों का शैक्षणिक रिकार्ड, काउंसलिंग इतिहास, असेसमेंट रिपोर्ट और करियर प्राथमिकताओं का डेटा सुरक्षित रखा जाएगा।
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