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    सरकारी कार्यालयों के प्रीपेड मीटरों का अब होगा एडवांस रिचार्ज, पंजाब सरकार का बड़ा फैसला

    Updated: Fri, 22 May 2026 08:00 AM (IST)

    पंजाब में सरकारी स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों और कार्यालयों में प्रीपेड बिजली मीटरों के कारण आ रही बिजली संबंधी समस्याओं को देखते हुए वित्त विभाग ने ब ...और पढ़ें

    सरकारी कार्यालयों के प्रीपेड मीटरों का अब होगा एडवांस रिचार्ज (फाइल फोटो)

    सरकारी कार्यालयों के प्रीपेड मीटरों का अब होगा एडवांस रिचार्ज (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड मीटरों से बिजली समस्या।

    2. वित्त विभाग ने एडवांस रिचार्ज की मंजूरी दी।

    3. पिछले साल की खपत के आधार पर होगा मासिक भुगतान।

    रमनजीत सिंह मणकू, चंडीगढ़। पंजाब में प्रीपेड बिजली मीटरों के कारण सरकारी स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों और अन्य सरकारी कार्यालयों में पेश आ रही बिजली संबंधी समस्याओं को देखते हुए वित्त विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने विभिन्न सरकारी संस्थानों को बिजली रिचार्ज के लिए एडवांस राशि जारी करने की मंजूरी दे दी है, ताकि समय पर रिचार्ज न होने की वजह से बिजली सप्लाई बाधित न हो।

    जानकारी के अनुसार राज्य के कई जिलों के विभिन्न विभागों के कार्यालयों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाने के बाद से शिकायतें आना शुरु हो गई थीं। ऐसा इसलिए था क्योंकि सरकारी व्यवस्था के मुताबिक बिजली बिलों का भुगतान संबंधित बिल को लंबी प्रक्रिया से गुजारने और वित्तीय अधिकारी से अनुमति के बाद ही किया जाता था।

    कई विभागों के बिल तो महीनों तक अटके रहते थे और सरकारी विभाग होने के कारण बिजली का कनेक्शन तो नहीं कटता था, अपितु बकाया राशि लगाता बढ़ती रहती थी। इस व्यवस्था में किसी को कोई परेशानी नहीं आती थी क्योंकि भुगतान नहीं भी होने के कारण बिजली की सप्लाई निरंतर बनी रहती थी।

    लेकिन प्रीपेड मीटरों के लगने के बाद यह एकदम से बदल गया। प्रीपेड मीटर, जोकि अपने नाम से ही स्पष्ट है, राशि खत्म होने की स्थिति में सिस्तम एक या दो चेतावनियों के बाद सप्लाई बंद कर देता है। ऐसे में पिछले कुछ ही समय के दौरान राज्यभर से वित्त विभाग में शिकायतें पहुंच रही थीं और इसकी कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने का आग्रह किया गया था।

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    मामला वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा के ध्यान में लाया गया तो अधिकारियों के साथ बैठक के बाद फैसला लिया गया है कि प्रीपेड मीटरों के बाद उत्पन हुई स्थिति से निपटने के लिए संबंधित स्कूलों या सरकारी कार्यालयों को उनके द्वारा बीते वर्ष के दौरान की गई बिजली खपत की राशि के मुताबिक औसत राशि प्रति माह प्रीपेड बिजली मीटर रिचार्ज कराने की अनुमति दे दी जाए। इस व्यवस्था से खर्च पर कंट्रोल रखने संबंधी भी निगरानी बनी रहेगी और बिजली की सप्लाई में भी कोई विघन नहीं पड़ेगा।

    वित्त विभाग द्वारा इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों व डिप्टी कमिश्नरों को पत्र भेजकर मंजूरी संबंधी सूचित कर दिया गया है। व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित कार्यालयों के डी.डी.ओ. को पीएसपीसीएल से अपने कार्यालय के संबंध में प्रतिमाह औसत खपत का सर्टिफिकेट हासिल करने के बाद संबंधित खपत की राशि सरकारी खजाने से एडवांस में पीएसपीसीएल के संबंधित खाते में ट्रांसफर करवाने का निर्देश दिया गया है। इससे बिजली मीटरों का नियमित रिचार्ज सुनिश्चित हो सकेगा।