शादी के बाद एक्स बॉयफ्रेंड से मिली पत्नी, पति ने लगाए एडल्ट्री के आरोप; अब तलाक को लेकर हाई कोर्ट ने क्या कहा?
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पूर्व प्रेमी से एक बार मिलना व्यभिचार नहीं है, और शादी से पहले का रिश्ता विवाह के बाद व्यभिचार का आधार न ...और पढ़ें

HighLights
पूर्व प्रेमी से एक मुलाकात व्यभिचार नहीं मानी जा सकती
शादी से पहले का रिश्ता तलाक का आधार नहीं बनता
हाई कोर्ट ने पति के तलाक के आदेश को बरकरार रखा
दयानंद शर्मा, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि किसी महिला का अपने पूर्व प्रेमी से एक बार मिलना उसे व्यभिचार का दोषी नहीं ठहराता।
अदालत ने कहा कि शादी से पहले किसी व्यक्ति के साथ संबंध होना विवाह के बाद स्वत: व्यभिचार का आधार नहीं बनता। कोर्ट ने फैमिली कोर्ट द्वारा पति के पक्ष में दिए गए तलाक के आदेश को बरकरार रखते हुए पत्नी की अपील खारिज कर दी।
पांच साल पुराना है मामला
यह मामला 16 नवंबर 2021 को हुए विवाह से संबंधित था। दंपति की कोई संतान नहीं थी। पति भारतीय नौसेना में कार्यरत है और उसने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी शादी के बाद भी दूसरे व्यक्ति के संपर्क में थी।
पति ने अदालत में दावा किया कि उसकी पत्नी का व्यवहार झगड़ालू था, वह अक्सर देर से घर लौटती थी, और अज्ञात लोगों से मोबाइल फोन पर बात करती रहती थी।
पति ने क्या दलील दी?
पति का कहना था कि 11 जनवरी, 2023 को उसने अपनी पत्नी को कथित तौर पर उसी व्यक्ति के घर पर पाया। पत्नी ने इन सभी आरोपों को नकारते हुए पति और उसके परिवार पर दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए।
फैमिली कोर्ट ने पत्नी के आरोपों में कई विरोधाभास पाए और कहा कि यह विश्वास करना कठिन है कि यदि ससुर की नीयत खराब थी तो पत्नी उनके साथ लगातार आना-जाना करती रहती। अदालत ने अंततः पत्नी की अपील खारिज करते हुए फैमिली कोर्ट द्वारा पारित तलाक के फैसले को बरकरार रखा।