पंजाब में चुनाव से पहले स्कूल अपग्रेड की सिफारिशों की बाढ़, नियमों में छूट को लेकर सरकार असमंजस में
चुनाव से पहले पंजाब में स्कूलों को अपग्रेड करने की सिफारिशें बढ़ गई हैं। विधायक अपने क्षेत्रों के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों को हाई या सीनियर सेकेंडरी ...और पढ़ें

पंजाब के सरकारी स्कूलों को अपडेट करने की मांगें बढ़ रही हैं।
HighLights
चुनाव से पहले स्कूल अपग्रेड की सिफारिशों की बाढ़।
अधिकांश स्कूल अपग्रेडेशन नियमों को पूरा नहीं करते।
सरकार शिक्षकों, बुनियादी ढांचे के अभाव से चिंतित।
इन्द्रप्रीत सिंह, चंडीगढ़। चुनाव सिर पर हैं तो सभी विधायकों को अपने अपने क्षेत्रों के गांवों के लोगों की समस्याओं को दूर करना पड़ रहा है जिसके लिए वे विभागीय अधिकारियों पर भी दबाव बना रहे हैं। इसी श्रृंखला में गांव गांव से उनके प्राइमरी, मिडल स्कूलों को अपग्रेड के करके हाई या सीनियर सेकेंडरी बनाने की सिफारिशों का तांता लगा हुआ है।
बताते हैं कि अब तक सौ से ज्यादा आवेदन डीपीआई दफ्तर और सचिव के कार्यालय में आ चुके हैं लेकिन इन्हें कैसे अपग्रेड किया जाए, यह अधिकारियों को समझ में नहीं आ रहा है। विधायकों (सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी) पर उनके सरपंचों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का दबाव है कि उनके बच्चों को स्थानीय स्कूल में पढ़ाई पूरी करने के बाद हायर सेकेंडरी के लिए पास के गांवों में जाना पड़ रहा है।
इसलिए उनके गांव के स्कूल को प्राइमरी से मिडल, मिडल से सीनियर सेकेंडरी कर दिया जाए। स्कूलों को अपग्रेड करने के नियम हैं और ज्यादातर विधायकों के आवेदन इन नियमों पर खरे नहीं उतरते इसलिए इन नियमों में छूट देने का प्राविधान केवल मुख्यमंत्री के पास है इसलिए सभी विधायक चाहते हैं कि मुख्यमंत्री उनके हलकों के स्कूलों को अपग्रेड करने की सिफारिश करें।
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अपग्रेड करने के लिए कुछ नियम जरूरी
नियमों के मुताबिक पांच किलोमीटर के दायरे में कोई भी दूसरा हाई स्कूल या सीनियर सेकेंडरी स्कूल नहीं होना चाहिए। अपग्रेड किए जाने वाले स्कूल में पर्याप्त छात्र संख्या होनी चाहिए कि जैसे 8वीं कक्षा में कम से कम 50 छात्र हों। स्कूल के पास पर्याप्त जगह, कक्षाएं, प्रयोगशालाएं , पुस्तकालय और शौचालय होना चाहिए या फिर इसके लिए अतिरिक्त जगह हो। अपग्रेड होने वाले स्कूल में आरटीई के अनुसार शिक्षकों का अनुपात 40 बच्चों पर 1 शिक्षक होना चाहिए।
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अधिकांश स्कूल इन नियमों की पालना नहीं करते
अब अधिकांश स्कूल इन नियमों का पालन नहीं करते बल्कि पंजाब में तो इन नियमों के तहत जो भी स्कूल आते हैं वे पहले से ही अपग्रेड हो चुके हैं।
सरकार की दूसरी सबसे बड़ी दिक्कत है कि इतने स्कूलों में पर्याप्त आधारभूत ढांचा देने की। शिक्षा विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि अगर एक स्कूल को अपग्रेड करना है तो कम से कम आठ से दस नए अध्यापकों को भर्ती करने की जरूरत होगी क्योंकि पंजाब में पहले से ही अध्यापकों की कमी है।
इसी तरह आधारभूत ढांचे को बढ़ाने के लिए भी अतिरिक्त बजट की आवश्यकता होगी। इन दोनों सेक्टरों पर खर्च करने की क्षमता अभी सरकार में नहीं है। इसलिए स्कूलों को अपग्रेड करने की मांग को टाला जा रहा है।
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