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भिक्षावृत्ति से आत्मनिर्भरता की ओर 590 कदम, अमृतसर में हुई 422 की पहचान; अब लुधियाना-जालंधर में होगा सर्वे

Published: Thu, 10 Sep 2026 04:56 PM (IST)

पंजाब में स्माइल योजना के तहत अमृतसर और पटियाला में 590 भिक्षावृत्ति करने वालों की पहचान हुई। 32 का पुनर्वास किया गया, अब लुधियाना और जालंधर में सर्वे होगा।

ये AI प्रतिकात्मक तस्वीर है।

ये AI प्रतिकात्मक तस्वीर है।

HighLights

  1. 'स्माइल योजना' के तहत भिक्षावृत्ति करने वालों का पुनर्वास।

  2. अमृतसर और पटियाला में 590 लोगों की पहचान, 32 का पुनर्वास।

  3. लुधियाना और जालंधर में जल्द शुरू होगा सर्वेक्षण अभियान।

रोहित कुमार, चंडीगढ़। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर भिक्षावृत्ति करने वालों को सिर्फ हटाने के बजाय उन्हें दोबारा परिवार, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने की दिशा में पंजाब सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से ‘स्माइल योजना’ के तहत अमृतसर और पटियाला में अब तक 590 ऐसे लोगों की पहचान की गई है।

अमृतसर में मार्च 2026 से चल रहे सर्वेक्षण में 422 लोग चिन्हित हुए हैं, जबकि पटियाला में 168 लोगों की पहचान की गई है। इनमें से अमृतसर में 32 लोगों का पुनर्वास भी किया जा चुका है। अब सितंबर के दूसरे सप्ताह में लुधियाना और जालंधर में भी सर्वेक्षण शुरू किया जा रहा है।

सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डा बलजीत कौर ने बताया कि सरकार का लक्ष्य केवल सड़कों से भिक्षावृत्ति करने वालों को हटाना नहीं, बल्कि उनकी वास्तविक जरूरत को समझकर उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन से जोड़ना है।

इसके लिए पहचान के बाद प्रत्येक व्यक्ति की स्थिति के अनुसार परिवार से मिलवाने, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधा, दस्तावेज, आवासीय देखभाल, कौशल विकास और रोजगार जैसी सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है।

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अमृतसर में 32 का हुआ पुनर्वास

अमृतसर में पहचान किए गए 422 लोगों में से 32 का सफलतापूर्वक पुनर्वास किया गया है। इनमें आठ लोगों को उनके परिवारों के साथ दोबारा जोड़ा गया। दो बुजुर्गों को पेंशन का लाभ दिलाया गया, जबकि चार लोगों के आधार कार्ड बनवाए गए। एक व्यक्ति को आशीर्वाद योजना का लाभ दिलाया गया।

चार लोगों को वृद्धाश्रम भेजा गया और 13 लोगों को रोजगार अथवा व्यवसाय से जोड़ा गया। इसके अलावा 54 लोगों की काउंसलिंग की जा चुकी है।

जरूरत के हिसाब से मिल रही सहायता

विभाग के अनुसार सर्वेक्षण के दौरान भिक्षावृत्ति में शामिल लोगों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाता है। जिन लोगों के परिवार मिल जाते हैं, उन्हें नियमों के अनुसार परिवार से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।

बेसहारा बुजुर्गों और अन्य जरूरतमंदों को उनकी आवश्यकता के अनुसार पेंशन, वृद्धाश्रम या अन्य पुनर्वास सेवाओं से जोड़ा जाता है। स्वास्थ्य संबंधी जरूरत होने पर जांच और उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।

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लुधियाना-जालंधर में भी पहुंचेंगे टीमें

पटियाला में 168 लोगों की पहचान के बाद उनके पुनर्वास की कार्रवाई चल रही है। वहीं सितंबर के दूसरे सप्ताह में लुधियाना और जालंधर में सर्वेक्षण शुरू किया जाएगा। अभियान में स्थानीय प्रशासन के साथ नगर निगम, स्थानीय निकाय संस्थाएं, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और कौशल विकास से जुड़े संस्थानों का सहयोग लिया जा रहा है।

डाॅ. बलजीत कौर ने कहा कि स्माइल योजना का उद्देश्य भिक्षावृत्ति में शामिल लोगों को समाज से अलग करना नहीं, बल्कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर देकर मुख्यधारा में वापस लाना है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि सड़कों पर भिक्षा मांगने वालों को नकद राशि देने के बजाय उन्हें सरकारी पुनर्वास और सामाजिक सहायता सेवाओं से जोड़ने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही आत्मनिर्भर और सम्मानजनक पंजाब का निर्माण किया जा सकता है।

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