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सावधान! पंजाब में तेजी से फैल रहा स्वाइन फ्लू, 347 मरीज पॉजीटिव; लुधियाना, मोहाली और पटियाला में बिगड़े हालात

Published: Mon, 21 Sep 2026 01:22 PM (IST)

पंजाब में स्वाइन फ्लू के 347 मरीज मिले हैं। लुधियाना सबसे आगे है। दो लोगों की मौत हुई, जबकि गुरुवार को 12 नए पाजिटिव मामले सामने आए।

ये प्रतीकात्मक तस्वीर है।

ये प्रतीकात्मक तस्वीर है।

HighLights

  1. पंजाब में 347 स्वाइन फ्लू मरीज पॉजिटिव, दो की मौत।

  2. लुधियाना में सर्वाधिक संदिग्ध मामले, मोहाली-पटियाला में भी बढ़े।

  3. स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों को सावधानी बरतने की सलाह दी।

रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) यानी स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, एक जनवरी से अब तक प्रदेश में कैटेगरी-सी के 1,926 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। इनमें 347 मरीजों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। स्वाइन फ्लू से लुधियाना और जालंधर में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।

जिलेवार आंकड़ों में लुधियाना सबसे आगे है। यहां कैटेगरी-सी के 746 संदिग्ध मामले मिले हैं, जबकि 95 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। संदिग्ध मामलों में मोहाली 135 और जालंधर 115 मामलों के साथ अगले स्थान पर हैं। पटियाला में 110, बठिंडा में 89 और होशियारपुर में 80 संदिग्ध मामले सामने आए हैं।

पुष्ट मामलों की बात करें तो पटियाला और मोहाली में 49-49 मरीज मिले हैं। जालंधर में 21, अमृतसर में 15 और मोगा में 14 मरीजों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है।

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गंभीर लक्षण पर तुरंत अस्पताल पहुंचें

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कैटेगरी-सी का मतलब गंभीर या जटिल इन्फ्लुएंजा है। इसे सीधे एच1एन1 की पुष्टि नहीं माना जाता। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, अत्यधिक उनींदापन, रक्तचाप कम होना, खून मिला बलगम, नाखून या त्वचा का नीला पड़ना अथवा गंभीर फ्लू जैसे लक्षण होने पर मरीज को कैटेगरी-सी में रखा जाता है। ऐसे मरीजों की इन्फ्लुएंजा जांच और तत्काल उपचार की जरूरत होती है।

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बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं रखें ध्यान

स्वास्थ्य मंत्री डा बलबीर सिंह ने कहा कि ज्यादातर मामलों में इन्फ्लुएंजा हल्का रहता है और अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता नहीं होती। विभाग ने जांच और उपचार के पर्याप्त प्रबंध किए हैं। उन्होंने गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। मंत्री के अनुसार, वातावरण में नमी अधिक होने के कारण इस समय वायरल संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है।

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