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पंजाब में राशन कार्ड सत्यापन ड्यूटी न करने पर शिक्षकों को नोटिस, कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल

Published: Wed, 23 Sep 2026 10:01 AM (IST)

पंजाब में स्मार्ट राशन कार्ड सत्यापन ड्यूटी न करने पर 314 शिक्षकों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिस पर ...और पढ़ें

पंजाब में शिक्षकों पर गैर-शैक्षणिक काम का बढ़ा बोझ।

पंजाब में शिक्षकों पर गैर-शैक्षणिक काम का बढ़ा बोझ।

HighLights

  1. राशन कार्ड सत्यापन ड्यूटी न करने पर 314 शिक्षकों को नोटिस

  2. शिक्षक पहले से ही कई गैर-शैक्षणिक कार्यों में व्यस्त हैं

  3. कांग्रेस ने सरकार की 'शिक्षा क्रांति' पर गंभीर सवाल उठाए

रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में स्मार्ट राशन कार्ड के सत्यापन की ड्यूटी नहीं करने वाले शिक्षकों को जिला प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किए जाने का मामला सामने आया है।

लुधियाना में ही 314 शिक्षकों को 11 सितंबर को आयोजित विशेष प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने को लेकर नोटिस दिए गए हैं। वहीं, बरनाला के भदौड़, तलवंडी, भोटना, तपा, टिंकौना भदौड़ और बदरा सहित अन्य स्थानों पर भी शिक्षकों को नोटिस मिलने की जानकारी है। शिक्षकों का कहना है कि पहले से ही कई गैर-शैक्षणिक कार्यों में उनकी ड्यूटी लगाई जा रही है, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

दूसरी ओर, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों पर पहले से काम का बोझ है। जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर राशन कार्ड सत्यापन का काम अन्य विभागों के कर्मचारियों से करवाने के लिए कहा गया है।

हालांकि, शिक्षकों का कहना है कि जब तक मुख्य सचिव कार्यालय से पहले जारी ड्यूटी आदेश वापस लेने का औपचारिक आदेश नहीं आता, तब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है।

तपा के एसडीएम कार्यालय की ओर से 11 शिक्षकों को जारी नोटिस में कहा गया कि उन्हें चार सितंबर को सत्यापन का कार्य सौंपा गया था, लेकिन अभी तक एक भी सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।

नोटिस में 17 सितंबर तक काम नहीं दिखाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें अभी तक सत्यापन का काम ही उपलब्ध नहीं कराया गया है।

कई सरकारी कामों में लग रही ड्यूटी

शिक्षकों के अनुसार इस समय उन्हें विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर), बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) संबंधी कार्य, जनगणना, ड्रग सर्वे, पराली जलाने की रोकथाम, स्थानीय निकाय चुनाव, खेड़ा वतन पंजाब दियां, हेल्थ कार्ड और बाढ़ संबंधी ड्यूटी समेत कई कार्य सौंपे जा रहे हैं।

पटियाला में शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी कमिश्नर से मुलाकात कर पहले से सौंपे गए कार्यों की सूची भी दी थी। इसके बाद वहां शिक्षकों को नोटिस जारी नहीं किए गए।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पिछले महीने विधानसभा में बताया था कि राज्य में 31,370 शिक्षकों के पद खाली हैं। यह स्वीकृत पदों का करीब एक चौथाई है। उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर संबंधित विभागों को शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से स्थायी रूप से मुक्त करने के निर्देश देने की मांग भी की थी।

राजा वड़िंग ने इंटरनेट मीडिया पर सरकार को घेरा

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड सत्यापन का काम नहीं करने पर शिक्षकों को नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्होंने इसे भगवंत मान सरकार की कथित 'शिक्षा क्रांति' की वास्तविकता बताया।

राजा वड़िंग ने कहा कि राज्य में 31,370 शिक्षकों के पद खाली हैं और कई स्कूलों में केवल एक-दो शिक्षक ही हैं। उनके अनुसार शिक्षक पहले से एसआइआर, बीएलओ और सर्वे संबंधी ड्यूटी में लगे हैं और अब राशन कार्ड सत्यापन का काम भी दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों पर अतिरिक्त काम का बोझ बढ़ने से उनके पास पढ़ाने के लिए समय कम हो रहा है और इसका असर विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से हटाकर उन्हें केवल शिक्षण कार्य पर ध्यान देने देने की मांग की।

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