25 जून से पंजाब में शुरू होगा मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण अभियान, 24,453 बीएलओ घर-घर करेंगे सत्यापन
पंजाब में 25 जून से विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान शुरू होगा। 24,453 बूथ स्तरीय अधिकारी घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। दो करोड़ से अधिक मतदाताओं का डे ...और पढ़ें

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25 जून से पंजाब में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान।
24,453 बीएलओ घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन कार्य।
अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर 2026 को होगी प्रकाशित।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब राज्य में मतदाता सूची को अपडेट और अधिक सटीक बनाने के लिए 25 जून से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत राज्यभर में 24,453 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। यह अभियान 24 जुलाई तक चलेगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बुधवार को पंजाब भवन में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से संचालित की जाएगी, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटने न पाए।
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2 करोड़ मतदाताओं का डेटा अपडेट होगा
मुख्य चुनाव अधिकारी के अनुसार, राज्य के 24,453 बीएलओ अगले एक महीने तक घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे, उनका सत्यापन करेंगे और फिर उन्हें वापस एकत्र करेंगे। इस दौरान पंजाब के 2 करोड़ 14 लाख 61 हजार 43 मतदाताओं का डेटा अपडेट किया जाएगा। इसके साथ ही मतदान केंद्रों के युक्तिकरण का कार्य भी 24 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा।
अनिंदिता मित्रा ने बताया कि अभियान पूरा होने के बाद 3 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद मतदाता नाम जोड़ने, हटाने या किसी प्रकार के संशोधन के लिए दावे और आपत्तियां 2 सितंबर तक दर्ज करा सकेंगे।
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28 सितंबर तक होगा आपत्तियों का निपटारा
प्राप्त दावों और आपत्तियों का निपटारा 28 सितंबर तक किया जाएगा, जबकि 1 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। पंजाब में अब तक 86.02 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। जिन मतदाताओं की मैपिंग अब तक नहीं हो सकी है, उनकी सूची सभी राजनीतिक दलों के साथ साझा कर दी गई है। चुनाव आयोग ने सभी दलों से इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।
चुनाव आयोग का मानना है कि इस विशेष अभियान से मतदाता सूची अधिक सटीक और अद्यतन होगी, जिससे आगामी चुनावों में पात्र मतदाता बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
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