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    SC आयोग के सामने पेश हुए रवनीत बिट्टू, हाथ जोड़कर मांगी माफी; 4 धार्मिक स्थलों पर जाकर माथा टेकने की मिली सजा

    Updated: Wed, 24 Jun 2026 08:35 PM (IST)

    केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब SC आयोग के समक्ष पेश हुए। उन्होंने कहा कि उनके शब्द कानूनी तौर पर गलत थे। आयोग ने उन्हें सामाजिक सौहार्द के लि ...और पढ़ें

    SC आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए  केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू।

    SC आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू।

    HighLights

    1. रवनीत बिट्टू जातिसूचक टिप्पणी विवाद में आयोग के समक्ष पेश हुए।

    2. आयोग ने सामाजिक सौहार्द हेतु धार्मिक स्थलों पर जाने को कहा।

    3. बिट्टू ने तनावपूर्ण परिस्थितियों में टिप्पणी करने की बात कही।

    रोहित कुमार, चंडीगढ़। जातिसूचक टिप्पणी से जुड़े विवाद में केंद्रीय रेल राज्य मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रवनीत सिंह बिट्टू बुधवार को पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के समक्ष पेश हुए। आयोग के सामने उन्होंने अपने वकीलों के माध्यम से विस्तृत पक्ष रखा और कहा कि घटना के दौरान उनके मुंह से निकले कुछ शब्द कानूनी दृष्टि से गलत थे। उन्होंने यह भी दोहराया कि वह इस मामले में पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। 

    सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने बिट्टू को सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश देने के लिए चार प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक स्थलों पर जाकर नतमस्तक होने की सलाह दी। आयोग अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि बिट्टू श्री हरि मंदिर साहिब अमृतसर, डेरा बल्लां जालंधर, राम तीर्थ स्थल, अमृतसर और डॉ. भीमराव अंबेडकर से जुड़े फिल्लौर स्थित स्मारक पर जाकर श्रद्धा प्रकट करें।

    गढ़ी ने कहा कि ऐसा करने से संबंधित वर्ग की भावनाओं का सम्मान होगा और समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि विवाद के बाद उत्पन्न हुई नाराजगी और भावनात्मक स्थिति को शांत करने में भी यह कदम सहायक हो सकता है।

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    बिट्‌टू ने तनावपूर्ण परिस्थितियों का दिया हवाला

    सुनवाई के दौरान रवनीत सिंह बिट्टू ने आयोग को बताया कि जिस दिन विवाद हुआ, उस समय परिस्थितियां बेहद तनावपूर्ण थीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने विवादित वीडियो अपने इंटरनेट मीडिया मंचों से हटा दिया था। बिट्टू के अनुसार, उन्हें सबसे पहले संगरूर में एक पुलिस अधिकारी ने रोका और बताया कि भाजपा नेता ओंकार सिंह को हिरासत में लिया गया है।

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    उन्होंने कहा कि इसके बाद वह संबंधित थाने पहुंचे, लेकिन वहां बताया गया कि ओंकार सिंह को दूसरे स्थान पर ले जाया गया है। बिट्टू ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे वह मानसिक रूप से आहत हुए। बाद में जब वह धूरी पहुंचे तो वहां भी पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी तीखी बहस हुई और तनावपूर्ण माहौल बन गया।

    घटनाक्रम के कारण भावुक हुए थे बिट्‌टू

    केंद्रीय मंत्री ने आयोग के समक्ष कहा कि लगातार तनाव और घटनाक्रम के कारण वह भावुक हो गए थे। उन्होंने दोहराया कि यदि उनके मुंह से कोई आपत्तिजनक शब्द निकला है तो उसके लिए वह खेद व्यक्त करते हैं। बिट्टू ने कहा कि वह ऐसी राजनीतिक विचारधारा से आते हैं, जहां समाज के हर वर्ग के सम्मान पर जोर दिया जाता है।

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    चुनाव के दिन हुई थी घटना

    गौरतलब है कि यह पूरा विवाद 26 मई 2026 को निकाय चुनाव के मतदान के दौरान शुरू हुआ था। धूरी में भाजपा नेता ओंकार सिंह को हिरासत में लिए जाने के बाद रवनीत सिंह बिट्टू और पुलिस अधिकारियों के बीच हुई बहस का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद उन पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग के आरोप लगे थे।

    मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने बिट्टू को तलब किया था और संगरूर पुलिस से रिपोर्ट भी मांगी थी। पहले निर्धारित तारीखों पर वह व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके थे, लेकिन अब उन्होंने आयोग के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष विस्तार से रख दिया है। आयोग मामले की आगे भी समीक्षा करेगा।

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