'टीम पंजाब' फॉर्मूले पर एकजुट कांग्रेस, चन्नी-वड़िंग एक साथ दिखे; राहुल गांधी की एंट्री से बदली चुनावी रणनीति!
नई दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व की बैठक में पंजाब विधानसभा चुनाव की रणनीति तय हुई। राहुल गांधी चुनाव अभियान की ...और पढ़ें

पीपीसीसी प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, राहुल गांधी और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी।
HighLights
कांग्रेस ने पंजाब चुनाव के लिए एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया।
राहुल गांधी राज्य में चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे।
चन्नी और वड़िंग जैसे नेता बैठक में एक साथ दिखे।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर नई दिल्ली में कांग्रेस की अहम बैठक में पार्टी ने एकजुट होकर चुनाव लड़ने का संकल्प लिया। पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में चुनावी रणनीति पर मंथन हुआ। हाईकमान ने सभी नेताओं को 'टीम पंजाब' के मंत्र के साथ चुनावी तैयारियों में जुटने का संदेश दिया।
बैठक के बाद भूपेश बघेल ने कहा कि पंजाब में चुनाव अभियान की शुरुआत राहुल गांधी करेंगे। इसके लिए राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी वाड्रा से समय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पार्टी पूरे पंजाब में बस यात्रा या जनसभाओं और रैलियों के जरिए चुनाव प्रचार शुरू करने के विकल्प पर विचार कर रही है। संभावना है कि इसी महीने अभियान शुरू हो जाएगा।
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बैठक रही सकारात्मक
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने बैठक को बेहद सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि सभी नेताओं ने एकजुट होकर चुनाव लड़ने का संकल्प लिया है। उनके अनुसार कांग्रेस परिवार पूरी तरह एकजुट है और पार्टी वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि संगठन के सभी नेता अब साझा रणनीति के तहत काम करेंगे।
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साथ-साथ दिखे चन्नी-वड़िंग
हाल के दिनों में अलग-अलग खेमों में दिख रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी बैठक में कंधे से कंधा मिलाकर बैठे। सुखजिंदर सिंह रंधावा, डॉ. धर्मवीर गांधी, राजकुमार वैरका सहित अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि चुनाव समितियों के गठन के बाद पार्टी में गुटबाजी उभरकर सामने आई थी, लेकिन हाईकमान ने संगठन में किसी बदलाव से इनकार करते हुए सभी नेताओं को मिलकर चुनाव लड़ने का निर्देश दिया। अब कांग्रेस नेतृत्व को उम्मीद है कि एकजुटता के साथ पार्टी पंजाब में मजबूत वापसी करेगी।
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