तीन साल से घाटे में सिटको, 10 करोड़ का नुकसान; कैग रिपोर्ट से चंडीगढ़ प्रशासन के अफसरों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
कैग रिपोर्ट के अनुसार, खराब योजना और कुप्रबंधन के कारण सिटको को पिछले तीन वर्षों में लगभग 10 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली की कम ...और पढ़ें

माउंटव्यू, शिवालिकव्यू और पार्कव्यू होटल आज भी निजी बुकिंग वेबसाइटों पर निर्भर।
HighLights
सिटको के होटल आज भी निजी बुकिंग वेबसाइटों पर निर्भर।
ऑनलाइन बुकिंग न होने से निजी पोर्टलों को कमीशन।
स्टील डिपो में बिक्री शून्य, कर्मचारियों पर खर्च।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की ऑडिट रिपोर्ट में चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एंड टूरिज्म डेवलपमेंट काॅरपोरेशन (सिटको) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार खराब योजना, वित्तीय अनुशासन की कमी और परिसंपत्तियों के उचित उपयोग में अफसरों की लापरवाही के कारण सिटको को पिछले तीन वर्षों में करीब 10 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
ऑडिट वर्ष 2023-24 और 2024-25 की रिपोर्ट में कई मामलों को टाले जा सकने वाले नुकसान की श्रेणी में रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक सिटको अपने होटलों के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली शुरू नहीं कर सका।
इसके चलते माउंटव्यू, शिवालिकव्यू और पार्कव्यू होटल आज भी निजी बुकिंग वेबसाइटों पर निर्भर हैं। अप्रैल 2022 से फरवरी 2025 के बीच सिटको ने इन प्लेटफाॅर्म को दो करोड़ आठ लाख रुपये कमीशन के रूप में चुकाए। कैग ने कहा कि यदि निगम की अपनी बुकिंग प्रणाली समय पर शुरू हो जाती तो यह खर्च बचाया जा सकता था।
कर्मचारियों पर होता रहा खर्च
कैग ने बताया कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को इस्पात उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित स्टील डिपो में बिक्री लगभग शून्य रही। वर्ष 2023-24 में केवल चार लाख रुपये की आय हुई, जबकि 2024-25 में फरवरी तक कोई बिक्री नहीं हुई। इसके बावजूद वहां 10 कर्मचारी कार्यरत रहे, जिन पर दो वर्षों में करीब 1.40 करोड़ रुपये खर्च हुए।
ब्रेकरी खुद चलाने का फैसला पड़ा महंगा
सुखना लेक स्थित दुकान को किराये पर देने के बजाय सिटको ने स्वयं बेकरी संचालन शुरू किया। कैग के अनुसार यदि दुकान किराये पर दी जाती तो हर माह लगभग डेढ़ लाख रुपये किराया मिलता। इस निर्णय से किराये की हानि, परिचालन खर्च और उपकरणों पर हुए व्यय सहित कुल 38 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
दिल्ली स्थित यूटी गेस्ट हाउस पर वित्तीय असर
ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि नई दिल्ली स्थित यूटी गेस्ट हाउस के संचालन पर सिटको ने वर्षों तक अपने संसाधनों से खर्च किया, जबकि प्रशासन से प्रतिपूर्ति नहीं मिली। वर्ष 2011-12 से 2023-24 तक निगम ने 4.40 करोड़ रुपये खर्च किए। इस राशि पर ब्याज जोड़ने के बाद कुल वित्तीय प्रभाव 5.80 करोड़ रुपये आंका गया।
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दुकानें खाली रहने से राजस्व का नुकसान
रिपोर्ट में परिसंपत्तियों के खराब उपयोग का भी उल्लेख किया गया है। होटल शिवालिकव्यू सहित विभिन्न परिसरों में कई दुकानें महीनों और वर्षों तक खाली पड़ी रहीं। समय पर किराये पर न चढ़ाए जाने के कारण सिटको को करीब 54 लाख रुपये के संभावित राजस्व का नुकसान हुआ। कैग ने इसे निगम की लगातार चली आ रही प्रशासनिक और व्यावसायिक लापरवाही बताया है।